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@dawriter

Untold Story of Indian Soldier

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वीर कैप्टन अभिषेक रिपोर्टिग सर, अभिषेक ने कर्नल शौर्य को गर्व से सैल्यूट किया, प्रत्युत्तर में कर्नल शौर्य भी फक्र से मुस्कराते हुए कहने लगे, वेल डन माई ब्वॉय, आई एम प्रराउड आफ यू। अभिषेक, जांबाजी के जिस काम को तुमने अंजाम दिया है वह काबिले तारीफ ही नहीं दूसरे नौजवान सिपाहियों के लिए, जुनून ए जज्बा की मिसाल है। अकेले दस आंतकवादी को ढेर करने वाला हमारी स्पेशल फोर्स का जांबाज ही हो सकता है। तुम्हारी तीन पीढ़ियों ने जिस तरह मां भारती के चरणों में हंसते हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उनकी यह शहादत हमेशा याद रखी जाएगी।

तुम्हारी इसी जांबाजी से प्रभावित होते हुए हाई कमान ने यह फैसला लिया है कि हमारे सीक्रेट मिशन 'desert strom ' के कैप्टन तुम ही होगे। तुम्हारी छुट्टियां रद्द कर दी गईं, इस वक्त वतन को तुम्हारी ज्यादा जरुरत है। अभिषेक ने उसी जोशीले अंदाज में कहा यस सर, सैल्यूट करके उसी यंत्रचलित अंदाज में अपने रेजिडेंशल केमपस की ओर बढ़ गया। ऐसा लगा एक गोली सीधी उसके दिल में आ धसी। मां का आंसुओं से भीगा चेहरा उसकी आंखों में घूम गया। उसके पापा भी तो इसी मिशन पर गये थे आज तक नहीं लौटे, उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए उनकी यूनिफार्म आई थी तिरंगे में लिपट के, जिसे हर रोज मां अपना सिरहना बना अपने आंसुओं से भिगोती रहती है। क्या एक और यूनिफार्म मां बर्दाश्त कर पाएगी, मर जाएगी मेरी मां शायद रोते रोते।

कैप्टन अभिषेक तेज तेज कदमों से बाहर आ गए। दिल की धड़कने तेज हो गई थीं, माथे पर पसीना छल छलाया था, वह भलीभाँति जानता था, उसकी मौत का फरमान जारी हो चुका है। अपने पापा के पार्थिव शरीर का दाह संस्कार तक नहीं कर पाया वो! आह कैसी मौत आई होगी उनको दुश्मनों की गिरफ्त में! कल्पना करना भी असहनीय है, उसके पापा ने तो सहा होगा। मां भारती के चरणों में किसी न किसी मां का बेटा तो शीश चढाएगा ही, फिर वह मै क्यों नहीं।

अभिषेक ने अपने रुम का दरवाजा खोला, लाईट आफ की, जूतों सहित बिस्तर पर लेट गया, आत्मा पर बोझ था, मां की तकलीफ पापा की शहादत, जिसे सोच कर वह हर रात तड़पा करता था। जिंदगी काटों का हार बन गयी। आंखों से आंसू निकल कर तकिये में जब्त होने लगे। तभी फोन वायबेरट हुआ! आह सुहाना! एक तीर दिल के पार हो गया, स्क्रीन पर सुहाना की ही हंसी तस्वीर फ्लैश हो रही थी, एक पल में ही इतने सुहाने सपने सजा लिए थे उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाना चाहता था, उसकी रुह में बस गयी थी सुहाना जब से सुहाना उसकी जिंदगी में आई थी जिंदगी के मायने ही बदल गये थे यह विरान घाटियां दिलकश हो उठी थी उसकी मुस्कराहटो में वह जादू था, वो पास न होकर भी उसके पास ही थी। उसको सोच कर अक्सर वह पागलों की भाँति मुस्कराया करता था तो कभी जोर से हंस भी दिया करता था। कभी सोचा भी नहीं कि एक फौजी की जिंदगी पर उसके वतन से ज्यादा और किसी का कोई हक नहीं का होता!

अभिषेक ने भारी मन से फोन उठाया, आज जी चाह रहा था सुहाना से लिपट कर जार जार रोए, हैलो! उसके स्वर का भीगापन खुद उसने महसूस किया फिर सुहाना कैसे अंजान रह सकती थी। क्या हुआ, कहां हो आज तुम शाम से एक भी फोन नहीं किया, 'सुहाना बैचेन थी, यह तुम्हारी आवाज़ को क्या हुआ इतनी भारी क्यों हैं, सच कहो अभि तुमको मेरी कसम। कुछ भी तो नहीं हुआ तुम तो जानती हो यहां कितनी सर्दी पड़ती हैं कश्मीर में आज कुछ ज्यादा महसूस हो रही है।,' तुम्हें बुखार तो नहीं अभिषेक सच कहना,' नहीं पगली मै ठीक हुँ थोड़ा सा दुखी हुं मेरी छुट्टियां कैंसल हो गई। अब शायद हम मिल नहीं पाएंगे।

अभिषेक को अपना स्वर रुंधता सा लगा। ऐसा क्यों कहते हो छुट्टी तो फिर मिल जाएगी अगले महीने ले लेना, मै थोड़ी ही न कहीं भागी जा रही हुं इंतजार करुंगी तुम्हारा। अभिषेक ने अपना स्वर कुछ कठोर करते हुए कहा. नहीं सुहाना तुम मेरा इंतज़ार मत करना शायद मै न लौटूं! मै एक सीक्रेट मिशन पर जा रहा हुं लौटने की उम्मीद कम है। यह क्या मजाक हैं अभिषेक, तुम्हें जाना है तो खुशी-खुशी जाओ, और लौट कर आओ मै राह देखूंगी तुम्हारी। तुम्हें कुछ नहीं हो सकता न कुछ होगा। तुम देख लेना हम मिलेंगे यह मेरा विश्वास है। अच्छा जी, हां जी। एक पल को फिर से जी उठा अभिषेक, और कहो आज क्या किया, शापिंग पर गयी थी। तुम्हारे लिए प्यारी सी शर्ट खरीदी डार्क पिंक कलर की तुम पर खूब जचेगी, सुहाना यह तो तय था न जिस कलर की ड्रेस तुम पहनोगी उसी कलर की शर्ट मेरे लिए लाओगी, दोनों के कलर सेम होने चाहिये। हां तो मैने कब इंकार किया सेम ही पहनेंगे हम दोनों, सुहाना हंसी थी। अभिषेक उसकी हंसी में खो गया।

सुहाना जानती हो कल रात मैने एक सपना देखा था। तुम उसी जगह मिलने आई हो जहाँ हम मिलने वाले थे शरमाई सी घबराई सी, मै एकटक तुम्हें देखता ही चला जा रहा था और पता नहीं कितनी देर तक तुम्हें यूं देखता रहा, उस वक्त जी चाह रहा था तुम्हें गले से लगा लूं। हमेशा हमेशा के लिए तुम मेरी बांहो में रहो। तुमने तो बड़ा प्यारा सपना देखा और सपने में अपने सारे अरमान भी पूरे कर लिए वाह जी। सुहाना हंसी, अभि तुम्हारा ख्वाब जरूर पूरा होगा हम मिलेंगे हर हाल में। 'सुहाना मेरी एक इच्छा पूरी करोगी, अगर मै न लौटा तो तुम शादी कर लेना और अपने बेटे का नाम अरू रखना। मै तो नहीं रख पाऊंगा पर तुम रखना प्लीज! मानोगी न हमारी बात।

पागल हुए हो क्या मै हमेशा तुम्हारा इंतजार करुगीं तुम मेरी पहली और आखिरी पसंद हो तुम्हारी जगह कोई नहीं ले पाएगा, मेरी हर सांस तुम्हारी सलामती की दुआ करेगी। दो दिन बाद जन्म अष्टमी है तुम्हारे लिए निर्जल व्रत रखुंगी कान्हा जी तुम्हें कुछ नहीं होने देंगे। अगर तुम न लौटे तो तुम्हें ढूंढती हुई वहीं चली आऊंगी तुम्हारे पास। इस धरती पर कहीं भी होगें तुम मै ढूंढ लूंगी तुम्हें यह मेरा वादा है तुमसे।

पागल हो क्या किसी भी हाल में घर की दहलीज मत लाघना। तुमको हमारी कसम सुहाना, तो तुम भी मुझ से एक वादा करो खुद को कुछ भी मत होने देना प्लीज ! मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए तुम मुझे मिलो या नहीं यह ईश्वर की मर्जी लेकिन तुम इस संसार में जहाँ भी रहो सुरक्षित रहो खुश रहो मेरी यही इच्छा है

सुहाना रो रही थी, अभिषेक ने भी भीगे स्वर में कहा, हम भी तुम्हें कभी नहीं भूलेंगे सुहाना अपनी हर सांस के साथ तुम्हें याद करते हैं हम लौट आएंगे तुम्हारे लिए। रात आधी से ज्यादा बीत चुकी थी। अब तुम सो जाओ सुहाना हम तुम्हें जाने से पहले काल करेंगे।

अपना ख्याल रखना अभिषेक एक बात याद रखना तुम मेरी नींद, चैन खुशी सब संग लिए जा रहै हो। तुम लौटोगे तो ही मुस्कुराऊँगी। अच्छा तुम आराम करो। भारी मन से सुहाना ने फोन रखा। अभिषेक ने भी रिकार्डिंग आफ करते हुए फोन बंद किया। उसकी तन्हाई में सुहाना की आवाज ही अब हमसफर होगी।

आंखों में नींद का नामोनिशान न था अभि ने फोन में वह गीत लगाया जो अक्सर सुना करता था बड़ी धीमी सी आवाज, दर्द में और दर्द घोलने लगी, 'लग जा गले फिर यह हंसी रात हो न हो शायद इस जन्म में मुलाकात हो न हो।

सूरज कब का जाग चुका था। अभिषेक की आंखें लाल थी। रोज की तरह फिजाओं में वही गीत तैर रहा था। ए वतन ए वतन हमको तेरी कसम तेरी राहों में जां तक लुटा जाएंगे। अभिषेक ने फोन देखा सुहाना के बहुत सारे मैसेज आए हुए थे। एक सांसके साथ पढें ,सुहाना की तस्वीर को चूमा!अपने फोन स्वीच आफ करने के साथ-साथ जैसे अपने दिल को भी स्वीच आफ कर दिया। तेजी से उठा, मिशन desert strom start now!

Vaishnavi

Image Source: clipart-library



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