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@dawriter

मैं नहीं भेजूगी अपनी बेटी को ससुराल..

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"एक माँ के मन की बात"

कहते है एक माँ के लिए सबसे खुशी का दिन वो होता है जब उसकी बेटी की शादी एक अच्छे परिवार में होती है। पर मेरे लिए वो सबसे दुःख वाला दिन होगा क्योंकि उस दिन मेरी बेटी मुझे छोड़ दूसरे घर जायेगी। कैसे करुँगी तुझे विदा मेरी बच्ची..। जब पहली बार तुझे इन हाथों में लिया तभी खुद से वादा किया था हर पल तेरी रक्षा करुँगी तेरे साथ हमेशा रहूंगी। 

हर पल तुझे बढ़ते देखा तेरा हँसना, तेरा रोना, तेरा गुस्सा होना, तेरा जिद करना, तेरा इतराना, तेरा मुझे गले लगाना, तेरा मेरी साड़ी या दुपट्टे से खेलते देखना, तेरा मेरे बालों को सवारना , तुझे पढ़ाना, स्कूल लेने छोड़ने जाना, दूसरी क्लासेस में तेरे साथ कुछ नया सीखना, तेरा पहली बार खाना बनाना, मेरी तबियत खराब होने पर मेरा ख्याल रखना, मुझसे अपनी बात मनवाने के लिए गुस्सा करना, चोट लगने पर भाग कर मेरे पास आना, तेरा गाना गाना, डांस करना, बाथरुम में घँटों लगाना।

कैसे इन सबसे दूर रहूंगी मैं। तेरे जीते हुवे ईनाम, तेरे द्वारा बनाई तस्वीर, घर सजाने की चीजें , तेरी फोटोज, उन हर फ़ोटो में जुड़ी तेरी याद, तेरे  खिलोने , तेरे ज़िद करके खरीदे सामान। घर की हर दीवार पर तेरी याद ..क्या मुझे जीने देगे तेरे बिना। तेरे पापा से बहुत बार कहती भी थी मैं तो नहीं भेजूगी अपनी बेटी को ससुराल घर जवाई ले आना। और तेरे पापा मेरी इस बात को हँस के टाल देते। और फिर तेरा ये कहना मैं नहीं जाऊँगी आप को छोड़ के कहीं।

हाँ थोड़ी अलग माँ हूँ मै...जो अपनी बेटी की शादी से खुश नहीं होऊँगी। बेटा मैं तेरी शादी से दुःखी नहीं बस तेरे दूर जाने के डर से दुःखी हूँ । चाहें तेरा ससुराल इसी शहर या दो गली छोड़ ही क्यों ना हों, मिलने तो दो-चार दिन से ही आएगी। तेरे बिना दो पल भी दूर होने की सोचु तो मन घबरा जाता हैं मेरा। सारी जिंदगी कैसे रहूँगी ।

तुम जब स्कूल जाती तब उन कुछ घँटों में घर सुना लगता। हाँ जब छुटियाँ होती तो मैं कहती तेरे स्कूल ही अच्छे कुछ वक्त तो शांती मिलेगी मुझे। पर सच मानो तेरे घर ना होने पर भी तेरे ही बारे में सोचती के उसके लिए क्या बनाऊ। वो ये करेगी वो ऐसा बोलेगी। तेरे कपड़े निकाल कर रखना।

तेरा बोलना , हँसना, गाना, नाचना दिन भर घर में चहकना तेरी शैतानियां किसी त्यौहार से कम नहीं और जब तू शादी करके चली जाएगी तो त्योहार भी सुने लगेंगे मुझें ।जब भी कुछ बनाऊँगी तेरी याद आएगी कुछ खरीदूंगी तेरी याद आएगी। मेरी हर बात में तेरा ही जिक्र होगा।

कैसे करुँगी तुझे विदा, कैसे भेजूगी ऐसे घर जहाँ तुझे कोई अच्छे से जानता भी नहीं होगा। कहां से लाऊंगी इतना हौसला जो अपने दिल के टुकड़े को किसी और के हवाले कर दूं। पर कड़वा सच तो यही के है कि 

"सोन चिरिया एक दिन उड़ जाएगी

पिंजरा तोड़ एक दिन उड़ जाएगी

चली जायेगी ये, चली जायेगी ये पिया जी के देश

फिर ना आएगी....



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