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@dawriter

जब दीप जले दीवाली के

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हर मन खुशियों से खाली ना हो
जब दीप जले दीवाली के
डेरा हर घर मे खुशहाली का हो
जब दीप जले दीवाली के
अपने घर को रोशन करना
अच्छा है,ये बात है सत्य
पर दूजे का ध्यान रखो तुम
इस बात मे भी तो है कोई तथ्य
पर्यावरण की बदहाली ना हो
जब दीप जले दीवाली के
हर मन खुशियों से खाली ना हो
जब दीप जले दीवाली के
रोशन घर को तो कर देते
दीपक घी के जला जला
मन का कैसे मिटे अंधेरा
भूखे रात भी कैसे कटे भला
त्यौहारो पर हम बांटे मिठाई
ये तो नही जरूरी है
भरे पेट उसका जिसका
भूखा रहना है मजबूरी
किसी पेट मे दाना ना हो
काश ऐसी कही तंगहाली ना हो
दिन मे नही अंधेरा हो
और रात किसी की काली ना हो
दिवाली हो गरीब की भी
केवल पैसे वाली ना हो
जब दीप जले दीवाली के
हर मन खुशियों से खाली ना हो
जब दीप जले दीवाली के

 



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