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दो लक्ष्मीयों के बाद कुबेर तो आते ही है.

Maneesha Gautam   609 views   10 months ago

आज हम लोग शरद के घर गए थे चौक की पूजा में, सब लोग वहाँ बहुत खुश थे।

निश्चय

kavita   653 views   10 months ago

बाल विवाह की कुप्रथा से मुक्त होते एक निम्नवर्गीय परिवार की कथा

अभिलाष का फूल

poojaomdhoundiyal   16 views   10 months ago

एक अभिलाष का फूल पनपा मन के अंदर

माँ

Nidhi Bansal   68 views   10 months ago

माँ की ममता उस का प्यार,कोई समझे कैसे उसको,माँ की महिमा है अपार

कप्तान/कोच

kumarg   170 views   10 months ago

कुछ ही समय बाद वो फिर से मैदान पर था अबकि बार कोच की भूमिका में।

"गुड्डू"

shivamtiwari   610 views   10 months ago

कहानी एक ऐसे लड़के की जो अपनी खामियों को अपनी मजबूती बनाना चाहता है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ… उसके बाद क्या????

Mona Kapoor   44 views   10 months ago

बेटी को बचाकर व उसे पढ़ाना ही केवल आवश्यक नही है उसे समाज में एक ऊँचा दर्जा देना भी अति आवश्यक है।

Me as a new Traveller

troubleseeker11   1 views   10 months ago

This poem will help you to be better as a traveller again.

इंसानी भेदभाव व दुश्मनी… जिम्मेदार शायद हम खुद||

Mona Kapoor   26 views   10 months ago

समाज में आपसी सहयोग व एकता को बढ़ावा देने के लिए पहला सहयोग हमारा स्वयम का ही होना चाहिए ।

“…और मैं अनूप जलोटा का सहपाठी भी था।”

Mohit Trendster   211 views   10 months ago

नशे से नज़र ना हटवा सके… उन ज़ख्मों पर खाली वक़्त में हँस लेता हूँ, मुफ़लिसी पर चंद तंज कस देता हूँ… बरसों से एक नाव पर सवार हूँ, शोर ज़्यादा करती है दुनिया जब… उसकी ओट में सर रख सोता हूँ।

पढ़ी लिखी घरेलू बहू !!

nehabhardwaj123   1.53K views   11 months ago

ये कहानी है सुनीता जी की जिनकी सोच अपनी बहू और बेटी दोनो के लिए अलग अलग हैं ।

પ્રેમની સૌરભ

falguniparikh   216 views   11 months ago

વેલેન્ટાઈડ દે ને અલગ રીતે ઉજવવાનો આનંદ કેવો હોય તે સમજાવતી વાર્તા

કાળા ના ધોળા

pravinakadkia   109 views   11 months ago

પૈસા કમાવા માટે ખોટો રસ્તો ન અપનાવવો એ સમજાવતી એક વાર્તા.

कभी नीम नीम कभी शहद शहद...माँ का जायका

Maneesha Gautam   177 views   11 months ago

हर इंसान का स्वाद सामने वाले इंसान के हिसाब से ,परिस्थिति के अनुसार अलग अलग होता है।

कामवाली बाई के साथ ATM फ्री।

Maneesha Gautam   920 views   11 months ago

मेरी बेटी जाँब करना चाहती है या नही ये मेरी बेटी का निणर्य होगा। जितनी दिन रात की मेहनत एक लड़का इस मुकाम तक पहुँचने के लिए करता है उतनी ही मेरी बेटी ने भी की है. जितनी प्रथानाऐ लड़के के माता पिता ने की है उतनी ही श्रद्धा से हमने भी ऊपर वाले के सामने हाथ जोड़े हैं। कि हमारे बच्चे को सफल करे।