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रीति- रिवाज़

Manju Singh   2.69K views   8 months ago

रीति रिवाज़ तभी तक अच्छे लगते हैं जब तक समाज या परिवार को हानि ना पहुंचायें । ऐसे रीति रिवाज़ किस काम के जो जान लेने पर ही आ जाएँ।

परवरिश

kumarg   1.60K views   8 months ago

उसने हामिद की ठुड्ढी पकड़ कर पुचकारा " खा ले बेटा। देख न कितना काम है सबको कल ही सिल के देना है । " उसने पैर पटका "परसों सिल के दोगी तो क्या होगा ? " "नहीं बेटा पंद्रह अगस्त तो कल है न। झंडा तो कल ही फहरेगा सबका। "

एक 'सलाम' ऐसी सोच को !

Kalpana Jain   495 views   8 months ago

ये कोई जरुरी तो नही जिन लोगों का नाम अखबार की सुर्खियों में हो, या जिन लोगों को कोई सम्मान मिला हो केवल उन्हीं लोगों को सलाम करना चाहिए, कभी कभी हमें ऐसे लोग भी मिल जाते है जिनकी कोई चर्चा नहीं होती परंतु वो जो काम करते हैं, उन्हें देख -सुन मन कहता है सलाम एेसी सोच को

प्रतीक्षा उस दिन की

Manju Singh   572 views   8 months ago

देश की आज़ादी के इतने साल बाद भी औरत इस देश अपनी आज़ादी की प्रतीक्षा कर रही है ।

सेक्स एजुकेशन

Sharma Divya   190 views   8 months ago

बच्चों के लिए सेक्स एजुकेशन को लेकर स्कूल और अभिभावकों की भूमिका होनी चाहिए इसे ही शब्दों में लिखने की कोशिश की है।

नारी शक्ति

kavita   132 views   8 months ago

स्त्री के विविध रूप और दायित्वों की एक झलक, जिनमे स्त्री के व्यक्तित्व की सार्थक प्रस्तुति की गई है

हसरत

poojaagnihotry   1.52K views   8 months ago

प्यार से देखते हुये रवि ने उसे गले से लगाया और उसके माथे पर......

पर्फेक्ट मैरिज मटेरियल

Maneesha Gautam   768 views   9 months ago

कैसी लड़की चाहिए भाई?बस यार सुंदर हो,  माता-पिता की सेवा करे,

आवाक

Manju Singh   1.12K views   9 months ago

दहेज प्रथा हमारे समाज पर एक बदनुमा दाग है। इसका उन्मूलन करने के लिये युवा पीढी को ही आगे आना होगा। पढ़िए लघुकथा 'आवक'

परवरिश

SHIKHA SRIVASTAVA   1.18K views   9 months ago

बदलते वक्त के अनुसार बच्चों में सही संस्कार देने की कोशिश दिखाती एक कथा

आखिरी_विकेट

mrinal   1.08K views   9 months ago

आउट होने की कभी सोचना भी मत। क्योंकि तुम चौबे के आखिरी विकेट हो... आखिरी विकेट!"

मासिकधर्म या कुरीति

nis1985   1.52K views   9 months ago

शर्म की वजह से ही आज ग्रमीण या सामान्य महिलायें भी न तो इस विषय पर खुलकर बोल पाती और जागरूकता की कमी की वजह से ही उन तक मासिकधर्म से सम्बंधित कई महत्त्वपूर्ण जानकारी नहीं पहुँच पाती और न ही वो【 पेड 】इस्तेमाल की कोई जानकारी रखती हैं

जवान होते भारत में बुजुर्गों के लिए कोई आदर नहीं?

Maneesha Gautam   201 views   9 months ago

ये कैसा जावान भारत है जिसे अपने जडो़ से प्यार नही

बेटी की उड़ान !!

nehabhardwaj123   1.40K views   9 months ago

ये कहानी है शर्मा जो की जिन्होंने अपनी बडी बेटी की शादी उसकी पढ़ाई पूरी होने से पहले ही कर दी पर उन्होंने अपनी इस गलती से सबक लेते हव छोटी बेटी को खूब पढ़ाया लिखाया।

प्यारा रिश्ता .... सास बहू का

Soma Sur   1.09K views   9 months ago

कोई भी बहु घर तोड़ने का सोच कर शादी नहीं करती और न तो कोई सास, बहु को सताने को ही जीवन का ध्येय समझती है। हम पहले से ही अपनी सोच बना लेते हैं बहु है तो ऐसा ही करेगी, सास है तो ऐसा ही करेगी।