INSPIRATIONAL

अच्छी माँ बन जाऊं

dhirajjha123   3 views   8 months ago

एक पिता जब माँ बनता है तब एक पुरुष अपनी विपरीत दिशा में चलता है

दहलीज का अंतर

kavita   189 views   2 months ago

एक बेटी के बहू बन जाने, का अंतर ..समाज के लोगों के बीच फैला स्त्री के लक्ष्मी स्वरूप का वास्तविक रूप प्रस्तुत करता लेख

श श श... सो रहा है देश मेरा

abhidha   33 views   8 months ago

अब लिखने वाले की जात मत पूछना चुपचाप सो जाओ सब.... श...श..श... सो रहा है देश मेरा कृपया हॉर्न तो बिलकुल ही न बजाएं।।

बौड़मसिंह मर गया

sidd2812   52 views   5 months ago

बौड़म जलेबी खाने से मर गया? वाकई?

“…और मैं अनूप जलोटा का सहपाठी भी था।”

Mohit Trendster   175 views   2 weeks ago

नशे से नज़र ना हटवा सके… उन ज़ख्मों पर खाली वक़्त में हँस लेता हूँ, मुफ़लिसी पर चंद तंज कस देता हूँ… बरसों से एक नाव पर सवार हूँ, शोर ज़्यादा करती है दुनिया जब… उसकी ओट में सर रख सोता हूँ।

नया सवेरा

ritumishra20   215 views   3 months ago

हर किसी के जीवन में हर रोज़ एक सवेरा होता है लेकिन एक सवेरा एेसा आया नीलू के जीवन में जिसने उसे उम्मीद की एक नई किरण ही नहीं दी बल्कि उसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

गुलाम-ए-हिन्द (करगिल काव्य श्रद्धांजलि)

Mohit Trendster   10 views   4 months ago

छंट गया सुर्ख धुआं कब का....दब गया ज़ालिम शोर .... रह गया वादी और दिलो में सिर्फ....Point 4875 से गूँजा "Yeh Dil Maange More!!" ज़मी मुझे सुला ले माँ से आँचल में ....और जिया तो मालूम है ... अपनी गिनती की साँसों में यादों की फांसे चुभ जानी ... रूह गुलाम-ए-हिन्द दिवानी....

लाल चच्चा

abhi92dutta   59 views   6 months ago

मिट्टी के तन का सदुपयोग । जीवन के सोच को बदलते हुए

उलटी चप्पलें

sidd2812   38 views   6 months ago

मुसीबत घने कोहरे सी थी। चारों ओर नक्सलियों से घिरा एक पुलिस थाना, जिसमें इंचार्ज से लेकर सिपाही तक सब नई भर्ती। पिछले सारे पुलिसिए एक नक्सली हमले में ख़त्म हो चुके थे। सिवाए एक हवलदार के।

इंसानी भेदभाव व दुश्मनी… जिम्मेदार शायद हम खुद ।।

Mona Kapoor   10 views   1 week ago

समाज में आपसी सहयोग व एकता को बढ़ावा देने के लिए पहला सहयोग हमारा स्वयम का ही होना चाहिए ।

बच्चों का पेट पालने के लिए पुरुषों का काम करती महिलाएं

Anonymous
  49 views   3 months ago

किस प्रकार एक औरत अपने बच्चों के लिए कुछ ‌‌भी‌‌ कर ‌सकने ‌को ‌सदैव‌ तैयार ‌रहती है।

समझ

dhirajjha123   143 views   7 months ago

एक पुरानी रचना पर नज़र पड़ी तो सोचा आपकी नज़र भी कर दूँ। शायद कोई मुझ जैसा गलती करने से पहले संभल जाए।

​लाश हो जाना ही अच्छा है

dhirajjha123   10 views   8 months ago

मरघट में धू धू कर जलती लाशें जलते हुए भी मुस्कुरा रही थीं जाते जाते ज़िंदा लोगों को उनके मरे होने का अहसास करा रही थीं

ऐ खुदा तू ही बता. . !

shivamtiwari   10 views   4 months ago

भारतीय सेना के प्रत्येक जवान की भावनाओं से प्रेरित कविता।

The hidden door

akshay khodpatil   71 views   6 months ago

NEVER BELIEVE IN HATRED WHEN U CAN BE HUMBLE.. ADAPT THE OPPORTUNITY AND THE WORLD IS URS...

रंगीन लिबास

abhidha   96 views   8 months ago

विक्रम हॉस्पिटल से अपने फ्लैट पर लौट आया।खाना खाने का मन नहीं था, चुपचाप रेडियो चलाया और बिस्तर पर लेट गया। रेडियो पर गाना बज रहा था- 'मैं कहीं कवी न बन जाऊँ तेरे प्यार में ऐ कविता' अबकी बार विक्रम ने अपने कान बंद कर लिए थे।।

इंसानी जिद में दफन हो गए पेड़

harish999   19 views   6 months ago

आज महानगरों में सांस लेने के लिए शुद्ध हवा तक मयस्सर नहीं है, कंक्रीट के जंगलों के लिए पेड़ों को दफन करके हाउसिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी और हाइवे के चौड़ीकरण के लिए पेड़ों को कटान के चलते पर्यावरण संतुलन गड़बड़ा गया है

Just be who you are..

Shreya Dubey   5 views   6 months ago

Be the one who you are. What other wants from you should not matter..

Sparkle!! Shine!!

Shreya Dubey   3 views   6 months ago

Be your own superhero. Sparkle!! Shine!!

बहनजी टाइप

swa   56 views   6 months ago

8 दिन हो गये । सृष्टि जिद पकड़कर बैठी है । नौकरी करेगी। आख़िर उसकी डिग्री किस काम की है ? सिर्फ घर संभालती रहेगी? आखिर वो गोल्ड मेडलिस्ट है। ऋषभ बताओ मैं क्यों नहीं कर पाऊंगी नौकरी? कितनी लड़कियां करती है। तुम्हें क्या लगता है? मैं नौकरी और घर मैनेज नहीं कर सकती?

उसे पढ़ना है

poojaomdhoundiyal   11 views   6 months ago

जहाँ हम शिक्षा में अंकों और प्रतिस्पर्धा की बहस में लगे हुए हैं वहीँ कुछ मासूम ऐसे भी हैं जो पढ़ना चाहते हुए भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा अचूक बाण है जो हर बुराई हर नफरत हर भ्रष्टाचार, आतंकवाद ,हर असमानता , हिंसा या अमानवता को समाप्त कर सकती है।

​क्या तुम जानते हो

dhirajjha123   3 views   8 months ago

क्या तुम जानते हो गुलामी किसको कहते हैं ?

शब्दों का महत्व

udyalkarai   18 views   6 months ago

एक उभरती लेखिका का निवेदन इस समाज के हर व्यक्ति से।

मेरा देश बदल रहा है....

Shyam Tiwary   8 views   5 months ago

मेरा देश बदल रहा है मेरी खुद की नजरिया है.... मैंने खुद आंखों से देख रहा हूं जो चीज तारीफ के काबिल होती है उनकी तारीफ करनी चाहिए....