INSPIRATIONAL

FILTERS


LANGUAGE

प्रतीक्षा उस दिन की

Manju Singh   577 views   1 year ago

देश की आज़ादी के इतने साल बाद भी औरत इस देश अपनी आज़ादी की प्रतीक्षा कर रही है ।

परवरिश

kumarg   1.60K views   1 year ago

उसने हामिद की ठुड्ढी पकड़ कर पुचकारा " खा ले बेटा। देख न कितना काम है सबको कल ही सिल के देना है । " उसने पैर पटका "परसों सिल के दोगी तो क्या होगा ? " "नहीं बेटा पंद्रह अगस्त तो कल है न। झंडा तो कल ही फहरेगा सबका। "

रीति- रिवाज़

Manju Singh   2.69K views   1 year ago

रीति रिवाज़ तभी तक अच्छे लगते हैं जब तक समाज या परिवार को हानि ना पहुंचायें । ऐसे रीति रिवाज़ किस काम के जो जान लेने पर ही आ जाएँ।

मीठे रिश्ते या बोझिल !!

nehabhardwaj123   1.57K views   11 months ago

ये कहानी है, राकेश और रागिनी जो लेनदेन को रस्मों के नाम पर बोझ से खुद को मुक्त करा देते है

झल्ली पड़ोसन की बहन जी (महिला दिवस)

sunitapawar   1.33K views   11 months ago

सच्चा मन ईश्वर का घर होता है और अच्छी सीरत वाल इंसान ही सबसे खूबसूरत होता है

IAS दामाद चाहिए # प्रेम कहानी

Adhunika Chaudhary   1.37K views   10 months ago

 राहुल के पापा बोले तो फिर शादी तो लेट करेंगे बेटी की? पाण्डे अंकल बोले, "नहीं जी। लेट क्या? एग्जाम क्लियर हो जाए। ट्रेनिंग हो जाए बस कर देंगें। IAS दामाद चाहिए हमको तो जी बस"। 

संस्कारों के बीज... जैसे बोयेंगे , वैसे फल पायेंगे !!

nehabhardwaj123   1.48K views   10 months ago

ये कहानी है रमा की जिसका बेटे से मनमुटाव हो जाने के कारण वो बेहद दुखी है वही उसकी सहायता करती है उसकी अपनी सहेली बाला

पगली

mmb   1.02K views   10 months ago

कैंसर से जूझती पत्नी को पति के प्यार का सहारा

इज़्ज़त की भीख

Mohit Trendster   909 views   6 months ago

जहाँ हम प्रमोशन, वेतन, अवार्ड आदि में उपलब्धि ढूँढ़ते हैं....ये तो बस पति और परिवार में ही अपने सपने घोल देती हैं।

"बाबा यहाँ ना छोड़ो मुझे अपने साथ ले जाओ"

Kalpana Jain   1.07K views   5 months ago

कहां से लाते हैं ऐसे लोग इतना बड़ा जिगर के नन्ही जान को कही भी फेक देते हैं।

मातृत्व

deepikasharmanarayan1   1.30K views   5 months ago

जीवन की उलझन में फंसी स्त्री का अनूठा निर्णय।

चिट्ठी - दादाजी के नाम (गहमर पंद्रह साल बाद)

abhi92dutta   226 views   5 months ago

चिट्ठी के रूप में दादा और दादी का संस्मरण।

बहू की विदाई

deepikasharmanarayan1   2.16K views   5 months ago

प्रचलित परिपाटी से अलग हटकर एक सास का अनुपम निर्णय