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Just be who you are..

Shreya Dubey   8 views   10 months ago

Be the one who you are. What other wants from you should not matter..

ग़ज़ल-"बेकार की बातें न कर..."

sunilakash   19 views   9 months ago

व्यवस्था में विष घोलकर, उद्धार की बातें न कर।

an ode to sachin tendulkar

khyati   16 views   11 months ago

it is a poem i penned down to dedicate to the master blaster Sachin Tendulkar. he is an amazing and humble personality.

आसमान बोलता है !

sunilakash   11 views   9 months ago

विश्वास है इंसान का, जो विपदाओं मॆं डोलता है।

​लाश हो जाना ही अच्छा है

dhirajjha123   11 views   1 year ago

मरघट में धू धू कर जलती लाशें जलते हुए भी मुस्कुरा रही थीं जाते जाते ज़िंदा लोगों को उनके मरे होने का अहसास करा रही थीं

​क्या तुम जानते हो

dhirajjha123   4 views   1 year ago

क्या तुम जानते हो गुलामी किसको कहते हैं ?

माँ

Nidhi Bansal   58 views   4 months ago

माँ की ममता उस का प्यार,कोई समझे कैसे उसको,माँ की महिमा है अपार

रूपया बोलता है

rashmi   8 views   9 months ago

धन की अधिकता और दुरूपयोग पर रूपये की ओर से इंसान को समझाने की कोशिश

A lesson from the Mute

Alankrita Tiwari   14 views   9 months ago

This article talks about the baseless divisons our society has been segregated into. A division that is purely man-made.

हम क्यों नहीं हासिल कर सकते अपना लक्ष्य

harish999   9 views   8 months ago

क्या कभी किसी ने सोचा था, चांद पर घर बसाने की या आसमां में उडने की। लेकिन करने वालों ने यह भी संभव बना दिया। तब फिर हम अपने लक्ष्य को क्यों नहीं हासिल कर सकते।

गुलाम-ए-हिन्द (करगिल काव्य श्रद्धांजलि)

Mohit Trendster   10 views   8 months ago

छंट गया सुर्ख धुआं कब का....दब गया ज़ालिम शोर .... रह गया वादी और दिलो में सिर्फ....Point 4875 से गूँजा "Yeh Dil Maange More!!" ज़मी मुझे सुला ले माँ से आँचल में ....और जिया तो मालूम है ... अपनी गिनती की साँसों में यादों की फांसे चुभ जानी ... रूह गुलाम-ए-हिन्द दिवानी....

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै..

soni   8 views   8 months ago

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै.. सुर से सरगम को मिलाना चाहती हूँ, मै,

......इंतजार करना

rashmi   24 views   9 months ago

किसी को खामोश़ या बेबस समझ अक्सर लोग उसका फायदा उठाकर चले जाते है या बार बार उसे परेशान करते है जैसे कि वो कुछ प्रतिक्रिया कभी देगा ही नहीं. एेसी ही परिस्थिति में उस बेबस के मन के भाव जब उसकी खामोशी टूटने को तैयार हो जाती है.

"डर"

dhirajjha123   0 views   1 year ago

क्या तुम जानते हो सबसे बहादुर होता है ये डर हाँ मैं सच कह रहा हूँ

Murdered by others

jhalak   8 views   1 year ago

Sometime force marriage social abuse acid attack..woman is hunted ....