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असहिष्णु देश मेरा-

arn   8 views   2 years ago

कुछ विशेष तथाकथित बुद्धिजीवीयो द्धारा आतंकी और नकस्लियो की पैरोकारी करके विवाद खड़ा करना.........और खुद को लाइनलाइट मे रखने की कला का गुणगान.

The hidden door

akshay khodpatil   74 views   2 years ago

NEVER BELIEVE IN HATRED WHEN U CAN BE HUMBLE.. ADAPT THE OPPORTUNITY AND THE WORLD IS URS...

सिगरेट

mrinal   38 views   2 years ago

आफिस से घर पहुंचते ही विवेक ने पूछा, बिटबा कहाँ है? पल्लवी ने नाराजगी दिखाते हुये कहा, आप बिटिया को बिटबा कहते हैं तो सब लोग हंसते हैं। लोगों को गोली मारो और बताओ बिटबा कहाँ है?

रिजल्ट

mrinal   46 views   2 years ago

बारहवीं का रिजल्ट आने वाला था। जितनी बेचैनी सुरभि के मन में थी, उससे कहीं अधिक उसके पिता के मन में चल रही थी। दंगे की आशंका के कारण इंटरनेट पर प्रशासन ने रोक लगा रखा था।

समझ

dhirajjha123   172 views   2 years ago

एक पुरानी रचना पर नज़र पड़ी तो सोचा आपकी नज़र भी कर दूँ। शायद कोई मुझ जैसा गलती करने से पहले संभल जाए।

पिता के रंग

dhirajjha123   13 views   2 years ago

पिता उस छेनी और हथौड़े की तरह होते हैं जो खुद के चेहरे की उदासी छुपा कर चोट करते हैं , इतनी चोट जो तुम जैसे पत्थर को नायाब मूर्ती में तराश दे |

रंग

sonikedia12   17 views   2 years ago

मनुष्यों का नाम बदल दो करे ये सबको बदनाम ।

an ode to sachin tendulkar

khyati   17 views   2 years ago

it is a poem i penned down to dedicate to the master blaster Sachin Tendulkar. he is an amazing and humble personality.

ईश्वर के होने का प्रमाण ( कहानी )

dhirajjha123   63 views   2 years ago

एक समय एक बहुत ही पहुँचे हुए संत हुआ करते थे । हर गाँव हर जगह घूम घूम कर ज्ञान बाँटते और लोगों का ध्यान ईश्वर की तरफ आकर्षित करते । बड़ा।नाम था उनका । उनके प्रवचन को सुनने के लिए लोग सारे काम धंधे छोड़ कर आ जाया करते ।

वक्त के झरोखा

gourav11698   19 views   2 years ago

समय जो निकल गया या आने वाला है... हमनें कैसे व्यतित किया या हमारे क्या प्लान है .. यही सब कुछ है जीवन में वक्त के साथ समझ बड़ती है.. पर उतनी नहीं जितना हम समझ लेते हैं..🙏 तो मैं लाया हूं अपनी कुछ यादें अपने कुछ प्लान.

जो हम फेंक देते हैं उसी का ना मिलना इनकी जान ले लेता है

dhirajjha123   80 views   2 years ago

आज माँ के हाथ का खाना खाने का मन नहीं कर रहा तो चलो बाहर चलते हैं दोस्तों के साथ । होटल में बैठ कर शाही पनीर चिली चिकेन बटर नान ये वो लटरम पटराम मंगाया जीतना मन उतना खाया बाकि का छोड़ कर डकार ली और चल दिए । कभी कभी तो गुस्से में थाली उठा कर फेंक दी ।

मैं_भिखारी_हूँ‬…

dhirajjha123   16 views   2 years ago

जो मैं लिखने जा रहा हूँ वो वही पढ़ें जिन्हे शब्द पीड़ा महसूस करनी आती है…

​एक कदम….

dhirajjha123   8 views   2 years ago

फैसले बुरे हैं थोपे गए हैं इंसान मर रहे हैं कुछ शोर कर रहे हैं कुछ की दास्तान है रूलाने वाली आखों में सबके पानी

मुसीबत का नाम है जिंदगी

harish999   98 views   2 years ago

जिंदगी मुसीबतों से निकलकर निखरती, मुस्कराती है. इसलिए हंसते-मुस्कराते हुए खुद को तैयार करते रहिए आने वाली मुसीबतों से लड़ने के लिए.

Murdered by others

jhalak   8 views   2 years ago

Sometime force marriage social abuse acid attack..woman is hunted ....