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रंग

sonikedia12   15 views   1 year ago

मनुष्यों का नाम बदल दो करे ये सबको बदनाम ।

A lesson from the Mute

Alankrita Tiwari   14 views   1 year ago

This article talks about the baseless divisons our society has been segregated into. A division that is purely man-made.

ऐ खुदा तू ही बता. . !

shivamtiwari   14 views   1 year ago

भारतीय सेना के प्रत्येक जवान की भावनाओं से प्रेरित कविता।

A letter to Uncle Justice

preranasinha16   14 views   1 year ago

An open letter to justice from an Indian girl. She writes whatever questions she had to her Justice Uncle regarding women and other issues.

पिता के रंग

dhirajjha123   13 views   1 year ago

पिता उस छेनी और हथौड़े की तरह होते हैं जो खुद के चेहरे की उदासी छुपा कर चोट करते हैं , इतनी चोट जो तुम जैसे पत्थर को नायाब मूर्ती में तराश दे |

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै..

soni   13 views   1 year ago

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै.. सुर से सरगम को मिलाना चाहती हूँ, मै,

उसे पढ़ना है

poojaomdhoundiyal   12 views   1 year ago

जहाँ हम शिक्षा में अंकों और प्रतिस्पर्धा की बहस में लगे हुए हैं वहीँ कुछ मासूम ऐसे भी हैं जो पढ़ना चाहते हुए भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा अचूक बाण है जो हर बुराई हर नफरत हर भ्रष्टाचार, आतंकवाद ,हर असमानता , हिंसा या अमानवता को समाप्त कर सकती है।

Suicide

akshay khodpatil   12 views   1 year ago

For that guys who do suicide because of one girl left.

Unworthy

Maria Anderson   12 views   1 year ago

Physical abuse isn't the only abuse. Just because my eyes aren't black and blue. Or my arm isn't broken in two. Words hurt too. A story of finding yourself after an emotionally abusive marriage.

मेरा देश बदल रहा है....

Shyam Tiwary   11 views   1 year ago

मेरा देश बदल रहा है मेरी खुद की नजरिया है.... मैंने खुद आंखों से देख रहा हूं जो चीज तारीफ के काबिल होती है उनकी तारीफ करनी चाहिए....

आसमान बोलता है !

sunilakash   11 views   1 year ago

विश्वास है इंसान का, जो विपदाओं मॆं डोलता है।

​लाश हो जाना ही अच्छा है

dhirajjha123   11 views   1 year ago

मरघट में धू धू कर जलती लाशें जलते हुए भी मुस्कुरा रही थीं जाते जाते ज़िंदा लोगों को उनके मरे होने का अहसास करा रही थीं

"thin strings left me paralysed"

Shreya Dubey   10 views   1 year ago

This is a fiction story which will surely increase your heartbeat.

गुलाम-ए-हिन्द (करगिल काव्य श्रद्धांजलि)

Mohit Trendster   10 views   1 year ago

छंट गया सुर्ख धुआं कब का....दब गया ज़ालिम शोर .... रह गया वादी और दिलो में सिर्फ....Point 4875 से गूँजा "Yeh Dil Maange More!!" ज़मी मुझे सुला ले माँ से आँचल में ....और जिया तो मालूम है ... अपनी गिनती की साँसों में यादों की फांसे चुभ जानी ... रूह गुलाम-ए-हिन्द दिवानी....

हम क्यों नहीं हासिल कर सकते अपना लक्ष्य

harish999   10 views   1 year ago

क्या कभी किसी ने सोचा था, चांद पर घर बसाने की या आसमां में उडने की। लेकिन करने वालों ने यह भी संभव बना दिया। तब फिर हम अपने लक्ष्य को क्यों नहीं हासिल कर सकते।