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अभिलाष का फूल

poojaomdhoundiyal   16 views   1 year ago

एक अभिलाष का फूल पनपा मन के अंदर

निश्चय

kavita   653 views   1 year ago

बाल विवाह की कुप्रथा से मुक्त होते एक निम्नवर्गीय परिवार की कथा

ईश्वर के होने का प्रमाण ( कहानी )

dhirajjha123   42 views   1 year ago

एक समय एक बहुत ही पहुँचे हुए संत हुआ करते थे । हर गाँव हर जगह घूम घूम कर ज्ञान बाँटते और लोगों का ध्यान ईश्वर की तरफ आकर्षित करते । बड़ा।नाम था उनका । उनके प्रवचन को सुनने के लिए लोग सारे काम धंधे छोड़ कर आ जाया करते ।

प्यारा रिश्ता .... सास बहू का

Soma Sur   1.10K views   1 year ago

कोई भी बहु घर तोड़ने का सोच कर शादी नहीं करती और न तो कोई सास, बहु को सताने को ही जीवन का ध्येय समझती है। हम पहले से ही अपनी सोच बना लेते हैं बहु है तो ऐसा ही करेगी, सास है तो ऐसा ही करेगी।

बेटी की उड़ान !!

nehabhardwaj123   1.40K views   1 year ago

ये कहानी है शर्मा जो की जिन्होंने अपनी बडी बेटी की शादी उसकी पढ़ाई पूरी होने से पहले ही कर दी पर उन्होंने अपनी इस गलती से सबक लेते हव छोटी बेटी को खूब पढ़ाया लिखाया।

बेचारा नहीं हूँ

dhirajjha123   3 views   1 year ago

मैं कोई आवारा नहीं हूँ तरस मत खाओ मुझ पर

पिता के रंग

dhirajjha123   13 views   1 year ago

पिता उस छेनी और हथौड़े की तरह होते हैं जो खुद के चेहरे की उदासी छुपा कर चोट करते हैं , इतनी चोट जो तुम जैसे पत्थर को नायाब मूर्ती में तराश दे |

......इंतजार करना

rashmi   25 views   1 year ago

किसी को खामोश़ या बेबस समझ अक्सर लोग उसका फायदा उठाकर चले जाते है या बार बार उसे परेशान करते है जैसे कि वो कुछ प्रतिक्रिया कभी देगा ही नहीं. एेसी ही परिस्थिति में उस बेबस के मन के भाव जब उसकी खामोशी टूटने को तैयार हो जाती है.

वो चाय आज भी ड्यू है. (स्मृति शेष)

rgsverma   264 views   1 year ago

मैं अवाक रह गया पर उन्होंने आगे बताया कि , "इंटरव्यू उनका लिया जाता है जिनसे हम अपरिचित हों, न मेरी तुमसे कोई रिश्तेदारी है, न कोई व्यक्तिगत परिचय, पर तुम गज़ब लिखते हो, दिल से लिखते हो, सो भूल जाओ कि मैंने तुम पर कोई अहसान किया है. चयन तो तुम्हारा ही होना था, ..." मैं नि:शब्द हो गया.

गुलाम-ए-हिन्द (करगिल काव्य श्रद्धांजलि)

Mohit Trendster   10 views   1 year ago

छंट गया सुर्ख धुआं कब का....दब गया ज़ालिम शोर .... रह गया वादी और दिलो में सिर्फ....Point 4875 से गूँजा "Yeh Dil Maange More!!" ज़मी मुझे सुला ले माँ से आँचल में ....और जिया तो मालूम है ... अपनी गिनती की साँसों में यादों की फांसे चुभ जानी ... रूह गुलाम-ए-हिन्द दिवानी....

"डर"

dhirajjha123   1 views   1 year ago

क्या तुम जानते हो सबसे बहादुर होता है ये डर हाँ मैं सच कह रहा हूँ

हम क्यों नहीं हासिल कर सकते अपना लक्ष्य

harish999   10 views   1 year ago

क्या कभी किसी ने सोचा था, चांद पर घर बसाने की या आसमां में उडने की। लेकिन करने वालों ने यह भी संभव बना दिया। तब फिर हम अपने लक्ष्य को क्यों नहीं हासिल कर सकते।

सिगरेट

mrinal   38 views   1 year ago

आफिस से घर पहुंचते ही विवेक ने पूछा, बिटबा कहाँ है? पल्लवी ने नाराजगी दिखाते हुये कहा, आप बिटिया को बिटबा कहते हैं तो सब लोग हंसते हैं। लोगों को गोली मारो और बताओ बिटबा कहाँ है?

​लाश हो जाना ही अच्छा है

dhirajjha123   11 views   1 year ago

मरघट में धू धू कर जलती लाशें जलते हुए भी मुस्कुरा रही थीं जाते जाते ज़िंदा लोगों को उनके मरे होने का अहसास करा रही थीं

झूठी कहानी

dhirajjha123   24 views   1 year ago

यह महज़ कहानी ही है मैं सच भी कहूँगा तब पर भी कहानी ही रहेगी । पर इस कहानी पर ऊँगली ना उठाऐं क्योंकी सच में तो ये प्रेम मरता जा रहा है कम से कम कहानियों में तो अल्लाह और महादेव का प्रेम बना रहे