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बच्चों का पेट पालने के लिए पुरुषों का काम करती महिलाएं

Anonymous
  54 views   1 year ago

किस प्रकार एक औरत अपने बच्चों के लिए कुछ ‌‌भी‌‌ कर ‌सकने ‌को ‌सदैव‌ तैयार ‌रहती है।

देश-सेवा

SHIKHA SRIVASTAVA   35 views   1 year ago

इस कहानी के जरिये मैं सबसे ये कहना चाहती हूँ कि अगर हम सब ये ठान ले कि हम अपने देश के योग्य, ईमानदार और देश के प्रति समर्पित नागरिक बनेंगे तो हमारे देश को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनने में देर नहीं लगेगी।

The girl who looks up at the stars and wish...

khyati   860 views   1 year ago

Each person created by the Almighty has a distinct destiny. Some get pleasures while others are subjected to challenges and problems. This story will tell you what it takes to overcome your hardships and emerge victoriously.

कौन आज़ाद है?

sidd2812   31 views   1 year ago

वो लाहौर से भागा तो अमृतसर में जा फंसा, उसपर बेटी के साथ बलात्कार का आरोप था। और वो अपनी बेटी से मिलने के लिए बेताब हुआ जा रहा था।

Social Harassment -Turns into mental violence (Let them rise too)

jhalak   145 views   1 year ago

Your words can change one's thinking ..so I wrote this. I want you to read it from the beginning to the end...make it end on paper but not in your mind.

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै..

soni   13 views   1 year ago

एक ऐसा गीत गाना चाहती हूं, मै.. सुर से सरगम को मिलाना चाहती हूँ, मै,

ऐ खुदा तू ही बता. . !

shivamtiwari   14 views   1 year ago

भारतीय सेना के प्रत्येक जवान की भावनाओं से प्रेरित कविता।

हम क्यों नहीं हासिल कर सकते अपना लक्ष्य

harish999   10 views   1 year ago

क्या कभी किसी ने सोचा था, चांद पर घर बसाने की या आसमां में उडने की। लेकिन करने वालों ने यह भी संभव बना दिया। तब फिर हम अपने लक्ष्य को क्यों नहीं हासिल कर सकते।

चलने का नाम ज़िन्दगी

suryaa   326 views   1 year ago

मुहब्बत में धोखा ख़ाने के बाद दुनिया से लड़कर सफ़ल होने वाली एक लड़की के सफ़र को दर्शाती हुई कहानी

गुलाम-ए-हिन्द (करगिल काव्य श्रद्धांजलि)

Mohit Trendster   10 views   1 year ago

छंट गया सुर्ख धुआं कब का....दब गया ज़ालिम शोर .... रह गया वादी और दिलो में सिर्फ....Point 4875 से गूँजा "Yeh Dil Maange More!!" ज़मी मुझे सुला ले माँ से आँचल में ....और जिया तो मालूम है ... अपनी गिनती की साँसों में यादों की फांसे चुभ जानी ... रूह गुलाम-ए-हिन्द दिवानी....

वो चाय आज भी ड्यू है. (स्मृति शेष)

rgsverma   264 views   1 year ago

मैं अवाक रह गया पर उन्होंने आगे बताया कि , "इंटरव्यू उनका लिया जाता है जिनसे हम अपरिचित हों, न मेरी तुमसे कोई रिश्तेदारी है, न कोई व्यक्तिगत परिचय, पर तुम गज़ब लिखते हो, दिल से लिखते हो, सो भूल जाओ कि मैंने तुम पर कोई अहसान किया है. चयन तो तुम्हारा ही होना था, ..." मैं नि:शब्द हो गया.

आसमान बोलता है !

sunilakash   11 views   1 year ago

विश्वास है इंसान का, जो विपदाओं मॆं डोलता है।

......इंतजार करना

rashmi   25 views   1 year ago

किसी को खामोश़ या बेबस समझ अक्सर लोग उसका फायदा उठाकर चले जाते है या बार बार उसे परेशान करते है जैसे कि वो कुछ प्रतिक्रिया कभी देगा ही नहीं. एेसी ही परिस्थिति में उस बेबस के मन के भाव जब उसकी खामोशी टूटने को तैयार हो जाती है.

ग़ज़ल-"बेकार की बातें न कर..."

sunilakash   20 views   1 year ago

व्यवस्था में विष घोलकर, उद्धार की बातें न कर।

बौड़मसिंह मर गया

sidd2812   60 views   1 year ago

बौड़म जलेबी खाने से मर गया? वाकई?