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कभी नीम नीम कभी शहद शहद...माँ का जायका

Maneesha Gautam   177 views   11 months ago

हर इंसान का स्वाद सामने वाले इंसान के हिसाब से ,परिस्थिति के अनुसार अलग अलग होता है।

કાળા ના ધોળા

pravinakadkia   109 views   11 months ago

પૈસા કમાવા માટે ખોટો રસ્તો ન અપનાવવો એ સમજાવતી એક વાર્તા.

कप्तान/कोच

kumarg   170 views   10 months ago

कुछ ही समय बाद वो फिर से मैदान पर था अबकि बार कोच की भूमिका में।

मर्दानी

suneel   225 views   1 year ago

अपनी आरामगाह में धारदार हथियार के प्रवेश से दोनों लड़कियाँ सुन्न थी। पहली लड़की की आँखों में जहाँ डर नजर आ रहा था दूसरी ने शांत होकर अपना सिर गर्भ की दीवार पर टिका दिया।

Unworthy

Maria Anderson   12 views   1 year ago

Physical abuse isn't the only abuse. Just because my eyes aren't black and blue. Or my arm isn't broken in two. Words hurt too. A story of finding yourself after an emotionally abusive marriage.

हादसा

swa   83 views   1 year ago

वास्तविक घटना को कहानी का रूप देने की कोशिश की है ड्राइव करते समय सतर्कता बरतें।

Sparkle!! Shine!!

Shreya Dubey   5 views   1 year ago

Be your own superhero. Sparkle!! Shine!!

​एक कदम….

dhirajjha123   8 views   1 year ago

फैसले बुरे हैं थोपे गए हैं इंसान मर रहे हैं कुछ शोर कर रहे हैं कुछ की दास्तान है रूलाने वाली आखों में सबके पानी

लाल चच्चा

abhi92dutta   64 views   1 year ago

मिट्टी के तन का सदुपयोग । जीवन के सोच को बदलते हुए

​क्या तुम जानते हो

dhirajjha123   4 views   1 year ago

क्या तुम जानते हो गुलामी किसको कहते हैं ?

मैं_भिखारी_हूँ‬…

dhirajjha123   16 views   1 year ago

जो मैं लिखने जा रहा हूँ वो वही पढ़ें जिन्हे शब्द पीड़ा महसूस करनी आती है…

बहनजी टाइप

swa   77 views   1 year ago

8 दिन हो गये । सृष्टि जिद पकड़कर बैठी है । नौकरी करेगी। आख़िर उसकी डिग्री किस काम की है ? सिर्फ घर संभालती रहेगी? आखिर वो गोल्ड मेडलिस्ट है। ऋषभ बताओ मैं क्यों नहीं कर पाऊंगी नौकरी? कितनी लड़कियां करती है। तुम्हें क्या लगता है? मैं नौकरी और घर मैनेज नहीं कर सकती?

जो हम फेंक देते हैं उसी का ना मिलना इनकी जान ले लेता है

dhirajjha123   78 views   1 year ago

आज माँ के हाथ का खाना खाने का मन नहीं कर रहा तो चलो बाहर चलते हैं दोस्तों के साथ । होटल में बैठ कर शाही पनीर चिली चिकेन बटर नान ये वो लटरम पटराम मंगाया जीतना मन उतना खाया बाकि का छोड़ कर डकार ली और चल दिए । कभी कभी तो गुस्से में थाली उठा कर फेंक दी ।

शब्दों का महत्व

udyalkarai   74 views   1 year ago

एक उभरती लेखिका का निवेदन इस समाज के हर व्यक्ति से।

Suicide

akshay khodpatil   12 views   1 year ago

For that guys who do suicide because of one girl left.