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@dawriter

IAS दामाद चाहिए # प्रेम कहानी

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IAS दामाद चाहिए # प्रेम कहानी

रोज़ की तरह राहुल आज भी दस बजे सो के उठा। मम्मी आवाज़ लगाती जा रही थी और पापा रोज़ की तरह कुछ बड़बड़ा के ऑफिस जा रहे थे। राहुल ने मम्मी को पूछा, "पापा क्यों चीख रहे थे। मम्मी बोली, "बेटा तू वक़्त पे उठ जाया कर। पापा को पसंद नहीं है "। राहुल की ये आदत रोज़ की थी। रोज़ देर से उठना ,पापा की डांट खाना, नाश्ता कर के दोस्तों के साथ निकल जाना। नुक्‍कड़ पे बैठना और गप्पे लड़ाना।

राहुल की ग्रेजुएशन ख़त्म हो चुकी थी पर बस ग्रेजुएशन से काम नहीं चलने वाला था। पापा रोज़ उसको यही समझाते थे। पर राहुल अपनी अलग दुनिया में मस्त था। मम्मी भी परेशान थी कि इस लड़के का क्या होगा। पढाई में होशियार हे पर कोई दिशा ही नहीं है।

एक दिन राहुल के दोस्त घर आए। राहुल ने अवाज़ दी ,"मम्मी चाय ले आना। मम्मी थोड़ी देर बाद आई और वहीं बैठ गई। राहुल उनको घुरने लगा कि यहाँ क्यों बेठ गई हे मम्मी। वो थोड़ी देर बाद बोलीं, "तुम सब इसके दोस्त हो समझाओ इसको। कुछ सोचले आगे का। राहुल को गुस्सा आया कि मम्मी फिर शुरू हो गई।

राहुल के दोस्त बोले, "आटीं अभी तो बच्चा हे, सोच लेगा कुछ"। ये सुन वह बोलीं," नहीं अभी सही वक़्त है। इसके पापा रिटायर हो जाएंगे कुछ सालों में। उससे पहले ये अपने आप के लिए कुछ कर ले।

दोस्तों को लगा आंटी भी ठीक कह रहींं हैं। राहुल चिढ़ता हुआ बोला, " जब देखो आप और पापा एक ही बात बोलते हो। मम्मी चिड़ के बोली ,"तो क्या करें,आरती उतारें तेरी। तू कुछ करता भी नहीं, ना सोचता हे कुछ। क्या करेगा आगेे ? कोई अपनी लड़की भी नहीं देगा तुझको अगर ऐसा ही चलता रहा "। बोल कर मम्मी अन्दर चली गई।
राहुल ने सोचा की मैं पढ़ने में अच्छा हूं। जिस चीज़ में हाथ डालूँगा वो हो जाएगी। पर करूं क्या ?

अगले दिन राहुल की माँ को लगा की शायद कल की बात का असर हुआ हो। लेकिन आज भी दस बज गए थे। राहुल उठा नहीं था। वो उदास चेहरा लिए अपने काम में लग गईं। राहुल अपने टाइम पे उठा तयार हुआ और चल दिया । नीचे उतरते वक़्त उसने देखा साथ वाले घर में कोई नए लोग आ गए हैं।

ऊपर देखा तो देखता रह गया। हवा में उड़ते इतने लम्बे बाल,इतनी बड़ी बड़ी आँखे। भोला सा चेहरा। राहुल दो मिनट के लिए देखता ही रह गया। उस लड़की ने जब देखा की ये तो अपनी नज़र हटा ही नहीं रहा तो वो मुुँह बना के अन्दर चली गई।

राहुल को तब होश आया। उसने अपने सर पे एक थप्पड़ मारा और आगे चल दिया। रोज़ की तरह दोस्तों से मिला पर ध्यान उसका उसी लड़की में था। घर आया तो पता चला की बगल में नए पड़ोसी आए हैं। वो बहुत खुश हो गया। पापा के तानो का आज कोई असर ना था उसपे।

अब रोज़ वो जब निकलता ऊपर की तरफ ज़रूर देखता। कभी वो दिखती कभी नहीं। एक दिन राहुल को वो बाजा़र में दिखी। तो देखा की किताबें खरीद रही है। काफी मोटी मोटी किताबें थी। उसे परेशानी हो रही थी, सामान और भी था। वो दौड़ के उसके पास आया और बोला,"मैं हेल्प कर दुं ?"। वो पहले तो सक पकाई पर फिर बोली ,"ठीक है,आप ये बुक्स उठा लीजिये"। वो भी जानती थी की पड़सी है। राहुल ने बुक्स उठाए तो देखा IAS की तैयारी की बुक्स थीं।

राहुल ने पुछा, "अपने भाई के लिए ले जा रहीं हैं बुक्स? "। वो चिड़ के बोली, "भाई के लिए क्यों लेजाऊंगी? मेरी हें "। राहुल बोला, " ओह सौरी ! आप IAS की तैयारी कर रहीं हैं?"। वो बोली, "हाँ! "। राहुल शरमिंदा हो के बोला ,"बहुत अच्छा "।

पहली बार में ही कचरा कर दिया था राहुल ने। उसने सोचा लडकियाँ भी तो पढ़ती है अाज कल, लड़को से अागे ही हैं। मैंने क्यों ये सवाल किया?
बिस्तर पे लेटे लेटे राहुल सोच रहा था क्या बोल दिया उसने। अच्छा ख़ासा मौका गवा दिया। तभी घंटी बजी तो देखा पड़ोस के अंकल आंटी आए हैं। मम्मी पापा से काफी जम गई थी उनकी। पापा ने खाने पे बुलाया था। पर उनके बच्चे नहीं आए। राहुल उठा, बाल बनाए जैसे की रिश्ता लेके आए हों वो दोनों।

बाहर आया पावँ छूऐ। पापा ने राहुल को घुरा और बोले ये पाण्डे जी हैं कुछ दिनों पहले ही आए हैं। राहुल बोला, "हाँ जी जनता हूँ"। पापा ने फिर घुरा। राहुल ने सोचा, "ईतनी सुन्दर बेटी हे, सब जानते हैं कि ये हमारे पड़ोस में आए हैं "। पाण्डे अंकल आंटी बैठ गए और सबकी बातें शुरू हो गई।

बातों बातों में पता चला की बेटी का नाम शालिनी है। बढ़ी है वो, बेटा छोटा। अंकल अपनी बेटी की तारीफ करते थक नहीं रहे थे। वो बता रहे थे की बहुत होशियार है शालिनी और IAS बना चाहती है। इस साल निकल जायेगा।

राहुल के पापा सुन रहे थे और बोल पड़े अरे हमारा राहुल भी बहुत होशियार है पर अभी अागे का सोचा नहीं। राहुल ने सोचा बात तो वो सही बोले। होशियार तो हुँ पर कुछ अागे का सोचा ही नहीं।

राहुल के पापा बोले तो फिर शादी तो लेट करेंगे बेटी की? पाण्डे अंकल बोले, "नहीं जी। लेट क्या? एग्जाम क्लियर हो जाए। ट्रेनिंग हो जाए बस कर देंगें। IAS दामाद चाहिए हमको तो जी बस"। राहुल के सारे सपने एक बार में चूर हो गए। उसने सोचा, "IAS दामाद?? "। इसी बीच खाना ख़तम हुआ और सब उठ के चलने लगे। राहुल भाग के गया उनको नमस्ते करने। पाण्डे अंकल बोले, "बेटा अब आप भी सीरियस हो जाओ। पापा काफी टेंशन में रहते हैं "।

वो तो बोल के चले गए पर परेशान राहुल हो गया। अगले दिन वो अपने दोस्तों में बेठा सबको ये बात बता रहा था। दोस्तों ने उसका मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया। सब बोले," तू रहने दे तू कभी सीरियस होगा नहीं और पाण्डे को तो IAS दामाद चाहिए"। सब ज़ोर ज़ोर हँस रहे थे। राहुल ने सोचा, "मैं इतना क्यों सोच रहा हूँ ? मुझे क्या करना। शालिनी मेरी girl friend तो नहीं है "।

पुरी रात राहुल को नींद नहीं आई। बेचैंन था। उसको समझ नहीं आ रहा था क्यों वो परेशान है, वो उठा और बाहर निकल गया। नीचे उसका दोस्त मिल गया। उसने पुछा, "कहाँ घूम रहा हे भाई? "। राहुल बोला, "पता नहीं यार ,कभी ऐसा नहीं हुआ। नींद नहीं आ रही ,घबड़ाहट हो रही है। भूख मर गई एक दम "।
उसका दोस्त हंस के बोला, "प्यार हो गया क्या ?"। वो तो मजाक में बोल के चला गया। पर राहुल को समझ आ गया , वो जो बोला सही बोला, यही हुआ है। वो घर लौटा। सोचने लगा कि मुझे शालिनी से प्यार हो गया है। दिमाग से निकलती ही नहीं।

मेरे जैसे से तो वो बात तक नहीं करेगी। IAS बने वाली है। सोचते सोचते सुबह के चार बज गए। वो उठ के बालकनी में गया। तो देखा पाण्डे अंकल के एक रूम की लाइट जल रही है। पांच मिनट बाद बालकनी में शालिनी चाय का कप लिए अा गई।

राहुल को समझ आया की सुबह चार बजे पढाई कर रही है। उसको पता नहीं क्यों अपने पे शर्म अाई। वो शालिनी को देख मुस्कराया। वो भी मुस्कराई। राहुल बोला ",उस दिन के लिए अापने माफ़ कर दिया ना ?"। शालिनी बोली, "थोड़ा धीमे बोलिये, सब सोए हुए हैं "। राहुल ने इशारे से कहा सोरी। शालिनी हँस पडी। राहुल बोला , "अाप तो बहुत समर्पित हैं, अभी तब जाग रहीं हैं "।

शालिनि बोली, "हां। मेरे पापा का सपना है। उनका सपना मेरे लिए अागे बढ़ने का मकसद है और बस उनका सपना नहीं, मुझे भी तो अपने लिए कुछ करना है"। राहुल बोला, "हाँ !अंकल ने बताया था, अपना दामाद भी उनको IAS चाहिइ"। शालिनी ज़ोर से हसँ पड़ी और बोली, "पापा तो बस! "। राहुल ने पुछा, "अाप क्या सच में IAS से ही शादी करेंगी? "। शलिनी फिर हसीं और बोली, "क्यूँ आप IAS बनने वाले हैं क्या? "
वो ये बोल के हसं के चली गई। राहुल एक मिनट तक वही खड़ा रह गया। उससे समझ ही नहीं आया ये क्या बोल गई। उसका मतलब क्या था। क्या वो भी मुझे पसंद करती है? ये क्यों बोला उसने।

सुबह हुई राहुल की एक मिनट के भी आँख नहीं लगी थी। सर घूम रहा था। वो अपनी मम्मी के पास गया। मम्मी बोली, "आज इतना जल्दी कैसे उठ गया? "। राहुल बोला," मम्मी एक बात बोलूं ? "।

मम्मी बोली क्या बात है साफ़ साफ़ बोल"। वो बोला, "तुम और पापा बोलते हो न में कुछ नहीं करता। कुछ सोचता नहीं अागे की। अगर मैंने तुम लोगो के हिसाब से सब करलुं तो तुम मेरी एक बात मानोगी?। माँ को समझ नहीं आया क्या बोले। वो खुश भी थी और हेरान भी। वो बोली, "हाँ बेटा ,जो बोलेगा वो करुँगी। बस तू कुछ कर ले। "

राहुल अगले दिन जल्दी उठा और लैपटॉप लेकर बैठ गया। दिन तक वो वहाँ से हिला नहीं। दोस्तो के फ़ोन आ रहे थे। पर उसने ध्यान नहीं दिया। शाम को वो उठा, उसके चेहरे पे एक मुस्कराहट थी। माँ को समझ नहीं आ रहा था करने क्या जा रहा है पर वो इस बात से खुश थी की कुछ तो करने की ठान ली हे इसने।
अगले दिन से राहुल का हर जगह जाना बंद हो गया। कमरा किताबों से भर गया। पापा हेरान हो रहे थे। वो बोले, "कर क्या रहा है तू? "। राहुल बोला, IAS की तैयारी"। पापा चिल्ला के बोले, "मज़ाक है क्या? "राहुल बोला, "नहीं है ! जानता ह्ँ। कोशिश तो करने दो। पापा बोलते हुए बहार निकल गए, "लो सोचा भी तो कितनी दूर का"।

माँ राहुल के पास आई और बोली, "सोच लिया क्या, यही करेगा?"। राहुल बोला, माँ तुम तो यकीन रखो। मेैं मस्ती में पड़ गया था पर अब सोच लिया है, कर के रहुंगा। जानती हो न मुझे तुम्। माँ बोली, "हाँ। पापा को समझा लुंगी"।

राहुल दिन रात एक कर रहा था। शालिनी भी सोच रही थी कि आजकल राहुल दिख नहीं रहा। आते जाते तो दिख जाता था। एक दिन शालिनी ने राहुल की मम्मी को मार्किट जाते देखा तो मम्मी के मोबाइल से राहुल के घर कॉल लगा दिया। उसको लगा वो ठीक तो है न ? राहुल ने फोन उठया। शालिनी बोली, "अाप ठीक हैं? "।

राहुल बोला, "बिल्कुल ठीक शालिनी?"। वो बोली, "आपको पता चल गया में हुँ? "। वो बोला, " मुझे कोई लड़की फ़ोन नहीं करती। एक आपसे बात है थोड़ी बहुत"। वो बोली, "कहाँ गायब हैं अाप? "। राहुल बोला, "मेहनत कर रहा हुँ थोङी। एक शर्त पूरी करनी है"।

शालिनी बोली," समझी नहीं में"। राहुल बोला , " आपके पापा ने कहा ना IAS दामाद चाहिऐ और उस दिन अापने भी बोला। "शालिनी को कुछ समझ नहीं आया वो बोली, " राहुल!अाप सच में। वो रुक गई"। राहुल बोला, "शालीनि,मैं थोड़ा आउट ऑफ़ ट्रैक था पर तुमको देखने के बाद मुझे लगा की बस बहुत हुआ, तुमसे टाईम पास नहीं करना चाहता। पर जिस इंसान की वजह से मुझे अकल आई उसको अपनी ज़िन्दगी में लाने की ये कोशिश है। आप देंगी ना साथ?।
शलिनी बोली, "आपको पता था की मैं आपको पसंद करती हूँ?। राहुल हँसा, " अपने गोल्स में इतनी सीरियस लड़की मुझ जैसे लड़के से बात करे और ये बोल दे जो अापने मुझसे उस दिन बालकनी में बोला इसका मतलब तो मैं पसंद हूँ। शालिनी हँसी और बोली,"राहुल,अब अगर आप सफल न भी हुए तो भी आपका साथ दूंगी "।

राहुल की खुशी का ठिकाना नहीं था। वो बोला," बस फिर शान से आपको बीवी बनाउगां"। शालिनी हसँ पड़ी। एक दूसरे के नंबर लिए और वादा किया की दोनों खूब मेहनत करेंगे।

उस साल उन दोनों ने खुब मेहनत की। IAS का नतीजा आया। राहुल के पापा और पाण्डे जी दोनों ही टेंशन में थे। राहुल के पापा को डाउट था। राहुल की मम्मी को पता था की जब उनका बेटा ठान ले तो कर के ही दम लेता। पर ये IAS का एग्जाम था मज़ाक नहीं। पर उन्होंने राहुल को दिन रात एक करते देखा था।

परिणाम आते ही राहुल के पापा खुशी से कूद पड़े, राहुल को गले लगा लिया और बोले," बेटा तूने क्या कर दिया। मुझे यकीन नहीं हो रहा"। राहुल की रैंक बहुत अचछी आई थी। IAS में सिलेक्शन पक्का था। राहुल के पापा मिठाई लेके पाण्डे जी घर भागे। अन्दर गए तो वहाँ भी खुशी का माहौल था। पाण्डे जी राहुल के पापा के गले लग गए।

उनको लगा की वो मिठाई शालिनी के मेरिट में आने के लिए लाए हैं। पर जब उन्होंने राहुल के पापा के मुहँ से सुना की राहुल भी मेरिट में आ गया हा तो वो कदम हैरान रह गए।

राहुल के पापा बोले की मैंने ईसलिए पहले नहीं बताया क्यूंकि मुझे राहुल पे यकीन नहीं था। पर आज बहुत खुश हूँ। पाण्डे जी बोले,"बच्चों ने सर र्ऊँचा कर दिया।

वहाँ राहुल के घर पे राहुल अपनी माँ को बोला,"मां वादा याद है ना?। मां बोली ,"तु आज जो मांगे सब तेरा"। राहुल बोला, " माँ! शालिनी"। राहुल के ये बोलते ही माँ को सब समझ आ गया कि राहुल ने ये सब क्यों किया। पर माँ खुश थी। जिसके लिए भी किया। कम से काम इतना बड़ा काम कर लिया।

अगले दिन शालीनि के घर राहुल के मम्मी पापा पहुंचे। उन्होंने राहुल कि दिल की बात रखी। पाण्डे जी ने बिना एक मिनट लगाए हाँ कर दी।
अंदर बैठी शालिनी बहुत खुश थी तभी उसका फ़ोन बजा। उसने मेसेज खोला तो लिखा था, "MS. IAS ! I LOVE YOU! from, MR. IAS!। शालिनी शर्मा गई और अपने फ़ोन को चूम लीया।



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