59
Share




@dawriter

मर्दानी

1 225       

एक ही गर्भ में पल रही दो बच्चियों का पहला परिचय होने पर दोनों एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुरायी। पहली ने दूसरी से कहा "ओह, तो आप मेरी बहन हो।"

'हाँ, शायद भगवान ने हमें जुड़वा बनाया है।' दूसरी ने खुशी जताते हुए जवाब दिया।

'कहते हैं जब तक कोई नवजात अन्न नहीं खाता उसे पिछले जनम का सब कुछ याद रहता है। आपको कुछ याद है?' पहली ने बात जारी रखने की गरज से आगे पूछा।

'हाँ, पिछले जनम में भी मैं एक लड़की ही थी और तुम ?' दूसरी ने संक्षिप्त सा जवाब देकर प्रतिप्रश्न किया।

'मैं अपने पिछले जनम में एक लड़का थी। दिन भर बस मौज मस्ती होती थी। जिंदगी मजे से चल रही थी। एक दिन शराब के नशे में तेज रफ्तार से कार चलाते वक्त दुर्घटना हुई और अब लड़की का जनम लेकर तुम्हारे सामने हूँ।' पहली लड़की ने अफसोस जताते हुए कहा और दूसरी की तरफ देखते हुए पूछा 'और तुम, तुम कैसे मरी ?'

'मैं तो जन्म से पूर्व ही कोख में मार दी गयी थी। मरते वक्त भी मैंने ईश्वर से यही माँगा था कि 'भगवान अगले जनम में भी मुझे लड़की ही बनाना।'
'लड़की !! लड़की ही क्यूँ ?' पहली ने चौंकते हुए पूछा।
'क्यूँकि लड़कियाँ बहुत बहादुर होती हैं।' दूसरी ने गर्व जताते हुए कहा।
'लड़कियाँ कब से बहादुर होने लगी?' पहली ने जवाब सुनकर हँसते हुए पूछा।

दूसरी लड़की उसे कोई जवाब देती उससे पहले ही उसने गर्भ में एक जानी पहचानी चुभन महसूस की। अपनी आरामगाह में धारदार हथियार के प्रवेश से दोनों लड़कियाँ सुन्न थी। पहली लड़की की आँखों में जहाँ डर नजर आ रहा था दूसरी ने शांत होकर अपना सिर गर्भ की दीवार पर टिका दिया। उसे यूँ शांत देखकर पहली ने हैरत से पूछा 'मौत हमारे सामने है, तुम्हें डर नहीं लग रहा ?'

दूसरी ने एक गहरी साँस ली और कहा 'नही, मैं तो पिछले जनम में भी लड़की ही थी..और लड़कियाँ तो बहादुर होती हैं न..'



Vote Add to library

COMMENT