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@dawriter

पर्फेक्ट मैरिज मटेरियल

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यार सुना है तेरे घर वाले तेरे लिए लड़की ढूंढ रहे है.

हाँ यार अब उम्र भी तो पैतीस पार हो गई है,

कैसी लड़की चाहिए भाई?

बस यार सुंदर हो,  माता-पिता की सेवा करे, वो यश चोपड़ा की पिक्चर में दिखाता है न चाँद वाला उपवास, करवा चौथ वो भी करती हो, वो थोडा़ आज के जमाने का है और अपना निर्जला तीजा वाला तो करना ही है, पर गाँव की गंवार न हो , मॉडर्न हो. हमारे साथ गोवा चले, तो कैपरी - स्लीवलेस में रहे। घर आके सिन्दूर,बिछियां और रंग बिरंगी चूड़ियाँ भी पहन सके। माँ बाबूजी के सामने साडी़ ही पहने, और दिवाली होली पे मठरी - गुजिया, घर की नमकीन, मिठाई, और रसगुल्ले सब  बनाये। हमे हनी,बाबू ,शोना जैसा भी कुछ कहे।

बस इतना ही

नहीं नहीं,

सुबह बिस्तर पे चाय लाये, और अपने खर्चे के लिए खुद कमा भी ले ( टीचिंग जॉब बेस्ट)।गाँव जाये तो पर्दा भी करे और शहर में बैंक जैसे काम कर सके, और हाँ आचार- मुरब्बा बनाना भी आता हो।

सही है बेटा अभी करवा लो शादी क्या पता अभी चौथी बार में बडी़ मुश्किल से पटवारी की परीक्षा निकली है तुम्हारी, कुछ और तो तुम करते नहीं हो, इंटरव्यू नहीं निकला तो तुम खुद ही न रहोगे पर्फेक्ट मैरिज मटेरियल।

समाज की परेशानी यही है कि अंधिकाश लड़के अपनी पत्नी के लिए यही पिक्चर बना कर रखते है और लड़किया सोचती है कोई हीरो टाईप का हो,जाँब अच्छा करता हो, हैड़सम हो, आजकल की लड़किया उन लड़को को ज्यादा तवज्जो देती है जिनके परिवार के सदस्य कम हो और यदि लड़का पहले से जाँब करते हुए फैमली से अलग है तो सबसे अच्छा।

और परिवार क्या करता है लड़कियों को परेफ्कट मैरिज मटेरियल बनाने पे जोर देता है ताकि कोई आपकी बेटी के लिए न ना बोले, हम बेटी को इसलिए नहीं पढा़ते कि हमारा मुख्य मुद्दा वो भी नौकरी करे ये है इसलिए पढा़ते है कि डिग्री होगी तो अच्छा लड़का मिल जायेगा,और यदि शादी नहीं हो पा रही है तो पोस्ट गैजुएशैन कर लो, या तब तक जाँब कर लो जब तक शादी तय नहीं होती क्योकी जब शादी तय हुई लड़की रुपी पंतग की डोर दूसरे परिवार में चली गयी. खाना बनाना सिखो,साडी़ पहनकर खाना बनाना सिखो,धीरे चलो ,धीरे बोलो...क्या है भाई,...

क्या ये सब लड़के को सिखाते है आप? क्या किसी ने लड़के से कहा कि कल पराये घर चला जायेगा कुछ सीख आज.... नहीं,

मैं समाज के बनाये नियमों पे बात ही नहीं कर रही कि एक लड़की अपना घर छोड़कर क्यों जाती है लड़का क्यों नहीं? क्योंकि आज सच ये है कि ज्यादातर लड़का और लड़की दोनों अपने घरों को छोडकर तीसरा अपना घर बनाते है।

लड़की को काबिल बनाईये जिससे वो आत्मनिर्भर बने हर क्षेत्र में। नौकरी करे ,जो संभव हो सके वो काम करे जब तक परिस्थिति साथ दे रही है और उसके बाद भी, उसे अपने दम पर जीना सिखाइये।

लेकिन हाँ उस बात का अभिमान न हो कि मैं तो नौकरी वाली हूँ हो सकता है अच्छा पति मिले ,पर नहीं मिला तो परेफ्कट मैरिज मटेरियल की गांरटी कौन ले रहा है और लड़कियों को भी सलमान खान जैसे लुक और हाई पैकेज के अलावा लड़के के गुणों को भी देखना चाहिए,वो एक स्त्री को क्या सम्मान देता है ये आपके जीवन के लिए बहुत मायने रखता है।



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