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@dawriter

उसे पढ़ना है

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वो मासूम है वो नादान है

वो आने वाले कल की पहचान है

आँखों में उसकी खूबसूरत चमक है

आने वाले कल के सपनों की शुरुआत है

होठों की हँसी देती हिम्मत को सहारा है

दिल में उसके हर ख्वाब को पूरा करने की चाह है

आओ चलो मिल कर कुछ ऐसी ही चाहतों को उड़ान दें

कुछ नए आने वाले कल को सवार दें

दें हौसला नेकी और दिलेरी को

आओ चलो मिल कर इंसानियत को परवान  दें

सिर्फ एक कलम है जो उनके हाथ थमानी है

और बस उनको उनकी मंज़िल की राह दिखानी है

अक्षर से अक्षर जोड़ना है

हाथ से हाथ मिलाना है

देखा है एक ख्वाब जो उनकी आँखों ने

न हो कोई बेबस और लाचार चाहतों में

उन ख्वावों को नई राह दिखानी है

तोड़ दे आओ बेबसी की हर जंजीर  

जो करती है हमको मंज़िल से दूर

चलो मिल कर हालात बदलें हम

सिर्फ बातों के नहीं कर्म के जज़्बात बदले हम

सच कर डालें हर एक शब्द का अर्थ अब

पढ़ेगा देश तभी बढेगा देश

सच यह सपना कर डाले हम

अपने देश की नयी पहचान बनाये हम

न हो पत्थर न हो गोली

न खेले कोई खून की होली

बस कलम हो सबके हाथों में

ताकत हो बस शब्दों में

नेकी की एक दीवार बनायें हम

इंसानियत से जिसको सजाये हम

चाहे हो वर्ण या हर्फ़

जाने न वो कोई गीता कुरान

पढ़ना और पढ़ाना हो बस मजहब इनका

चलो साक्षरता की लौ जलाएं हम

देश की तरक्की की राह सजाएँ हम



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