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@dawriter

असहिष्णु देश मेरा-

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arn by  
Arun Gaud

 

तुम देश के लिये लड़ो और मर जाओ,
तुम सारी जिदंगी देश का झंडा ऊपर उठाने मे गवा दो और गवार कहलाओ
तुम देश का पेट भरो और खुद का पेट भरने के लिये धक्के खाओ या फाँसी पर लटक जाओ
तुम इमानदारी से अपना काम करो और हर तरफ से दुतकारे जाओ
यह सब करने से कोई तुम्हे नही पूछेगा
क्योकी इस देश मे तुम जैसे की कोई औकात नही है

हा अगर तुम्हे कुछ बनना है चर्चित होना है
तो देश को गाली दो,
देश के टुकडे करने की आवाज उठाओ,
देश के सैनिको की शहादत पर जशन मनाओ
और कोई तुम्हारा विरोध करे तो बोलने की आजादी का आरोप लगाओ,

यकीन मानीये सारी मिडिया, जु़ट जायेगी तुम्हे स्टार बनाने मे
सत्ता से बहार हुये नेता दम भरेंगे तुम्हारा साथ निभाने मे।
बहुत सारे बुद्धीजीवी विना कहे तुम्हरे वकील बन जायेंगे
बिना आडिशन के ही तुम सेकुलिरज्म के पोस्टर वाय बन जाओगे
हर तरफ तुम्हारे ही चर्चे होंगे,
हर तरफ तुम्हेरे ही जलवे होंगे,
क्या करें ऐसा था तो नही
लेकिन अब सोशल मिडिया के जमाने मे
बन गया है ऐसा असहिष्णु देश है मेरा।

अरुण गौड़



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