INSPIRATIONAL

FILTERS


LANGUAGE

परवरिश

kumarg   1.57K views   5 months ago

उसने हामिद की ठुड्ढी पकड़ कर पुचकारा " खा ले बेटा। देख न कितना काम है सबको कल ही सिल के देना है । " उसने पैर पटका "परसों सिल के दोगी तो क्या होगा ? " "नहीं बेटा पंद्रह अगस्त तो कल है न। झंडा तो कल ही फहरेगा सबका। "

Social Harassment -Turns into mental violence (Let them rise too)

jhalak   142 views   11 months ago

Your words can change one's thinking ..so I wrote this. I want you to read it from the beginning to the end...make it end on paper but not in your mind.

The girl who looks up at the stars and wish...

khyati   855 views   11 months ago

Each person created by the Almighty has a distinct destiny. Some get pleasures while others are subjected to challenges and problems. This story will tell you what it takes to overcome your hardships and emerge victoriously.

A letter to Uncle Justice

preranasinha16   14 views   10 months ago

An open letter to justice from an Indian girl. She writes whatever questions she had to her Justice Uncle regarding women and other issues.

IAS दामाद चाहिए # प्रेम कहानी

Adhunika Chaudhary   1.33K views   3 months ago

 राहुल के पापा बोले तो फिर शादी तो लेट करेंगे बेटी की? पाण्डे अंकल बोले, "नहीं जी। लेट क्या? एग्जाम क्लियर हो जाए। ट्रेनिंग हो जाए बस कर देंगें। IAS दामाद चाहिए हमको तो जी बस"। 

चलने का नाम ज़िन्दगी

suryaa   306 views   11 months ago

मुहब्बत में धोखा ख़ाने के बाद दुनिया से लड़कर सफ़ल होने वाली एक लड़की के सफ़र को दर्शाती हुई कहानी

पगली

mmb   918 views   3 months ago

कैंसर से जूझती पत्नी को पति के प्यार का सहारा

शब्दों का महत्व

udyalkarai   65 views   1 year ago

एक उभरती लेखिका का निवेदन इस समाज के हर व्यक्ति से।

मुसीबत का नाम है जिंदगी

harish999   89 views   1 year ago

जिंदगी मुसीबतों से निकलकर निखरती, मुस्कराती है. इसलिए हंसते-मुस्कराते हुए खुद को तैयार करते रहिए आने वाली मुसीबतों से लड़ने के लिए.

जो हम फेंक देते हैं उसी का ना मिलना इनकी जान ले लेता है

dhirajjha123   76 views   1 year ago

आज माँ के हाथ का खाना खाने का मन नहीं कर रहा तो चलो बाहर चलते हैं दोस्तों के साथ । होटल में बैठ कर शाही पनीर चिली चिकेन बटर नान ये वो लटरम पटराम मंगाया जीतना मन उतना खाया बाकि का छोड़ कर डकार ली और चल दिए । कभी कभी तो गुस्से में थाली उठा कर फेंक दी ।

अगले जनम मोहे बिटिया ही दीजो

Pallavi Vinod   787 views   4 months ago

ये कहानी है संयोगिता की, जिसका जन्म घर की तीसरी बेटी के रूप में हुआ,जो जीवन भर तरसती रही पापा के प्यार के लिए, उसके लिए उसके पापा की खुशी से बढ़कर कुछ भी नहीं था।

संस्कारों के बीज... जैसे बोयेंगे , वैसे फल पायेंगे !!

nehabhardwaj123   1.38K views   3 months ago

ये कहानी है रमा की जिसका बेटे से मनमुटाव हो जाने के कारण वो बेहद दुखी है वही उसकी सहायता करती है उसकी अपनी सहेली बाला

पापा के नाम एक और चिट्टठी

dhirajjha123   45 views   1 year ago

पापा आपके लिए चिट्ठी है, कितने दिनों से नही लिखी थी ना । पढ़िएगा ज़रूर और आशीर्वाद दीजिएगा अपने नालायक बेटे को ।

भीड़ के अलग अलग चेहरे

dhirajjha123   9 views   1 year ago

“हाँ हाँ महराज जाइए ना हम कहाँ रोक रहे हैं । मगर एक बात कह दें आप जईसा लोक सब के चलते देस पिछड़ा है । लालच है ना जो वो देस की जनता के मन से जब तक नहीं जाएगा देस का भला संभब नहीं है महराज ।”

अच्छी माँ बन जाऊं

dhirajjha123   4 views   1 year ago

एक पिता जब माँ बनता है तब एक पुरुष अपनी विपरीत दिशा में चलता है