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कृपया! बच्चों की तुलना ना करे।

Kalpana Jain   620 views   1 week ago

प्रतिस्पर्धा के जमाने मे हर कोई एक दूसरे से तुलना करता हैं।कृपया कर बच्चो में ये भावना मत डालें। उनका वर्तमान भविष्य ना खराब करे।

चिट्ठी - दादाजी के नाम (गहमर पंद्रह साल बाद)

abhi92dutta   202 views   1 week ago

चिट्ठी के रूप में दादा और दादी का संस्मरण।

मातृत्व

deepikasharmanarayan1   1.27K views   1 week ago

जीवन की उलझन में फंसी स्त्री का अनूठा निर्णय।

कौन अपना कौन पराया

Manisha Dubey   1.40K views   4 weeks ago

रिश्तों की डोर एक बार टूट जाये तो चाहें कितना भी बाँध लो गाँठ तो पड़ ही जाती है।

"बाबा यहाँ ना छोड़ो मुझे अपने साथ ले जाओ"

Kalpana Jain   1.00K views   4 weeks ago

कहां से लाते हैं ऐसे लोग इतना बड़ा जिगर के नन्ही जान को कही भी फेक देते हैं।

इज़्ज़त की भीख

Mohit Trendster   902 views   1 month ago

जहाँ हम प्रमोशन, वेतन, अवार्ड आदि में उपलब्धि ढूँढ़ते हैं....ये तो बस पति और परिवार में ही अपने सपने घोल देती हैं।

औलाद का सुख

kavita   900 views   1 month ago

समाज मे लिंग भेद पर कुठाराघात करती लघुकथा

पगली

mmb   995 views   5 months ago

कैंसर से जूझती पत्नी को पति के प्यार का सहारा

संस्कारों के बीज... जैसे बोयेंगे , वैसे फल पायेंगे !!

nehabhardwaj123   1.47K views   5 months ago

ये कहानी है रमा की जिसका बेटे से मनमुटाव हो जाने के कारण वो बेहद दुखी है वही उसकी सहायता करती है उसकी अपनी सहेली बाला

IAS दामाद चाहिए # प्रेम कहानी

Adhunika Chaudhary   1.36K views   5 months ago

 राहुल के पापा बोले तो फिर शादी तो लेट करेंगे बेटी की? पाण्डे अंकल बोले, "नहीं जी। लेट क्या? एग्जाम क्लियर हो जाए। ट्रेनिंग हो जाए बस कर देंगें। IAS दामाद चाहिए हमको तो जी बस"। 

अगले जनम मोहे बिटिया ही दीजो

Pallavi Vinod   827 views   6 months ago

ये कहानी है संयोगिता की, जिसका जन्म घर की तीसरी बेटी के रूप में हुआ,जो जीवन भर तरसती रही पापा के प्यार के लिए, उसके लिए उसके पापा की खुशी से बढ़कर कुछ भी नहीं था।

झल्ली पड़ोसन की बहन जी (महिला दिवस)

sunitapawar   1.33K views   6 months ago

सच्चा मन ईश्वर का घर होता है और अच्छी सीरत वाल इंसान ही सबसे खूबसूरत होता है

ईमानदार

mmb   786 views   6 months ago

एक गरीब उसूलों पर चलने वाले ईमानदार विद्यार्थी की कहानी

मीठे रिश्ते या बोझिल !!

nehabhardwaj123   1.56K views   6 months ago

ये कहानी है, राकेश और रागिनी जो लेनदेन को रस्मों के नाम पर बोझ से खुद को मुक्त करा देते है

रीति- रिवाज़

Manju Singh   2.68K views   7 months ago

रीति रिवाज़ तभी तक अच्छे लगते हैं जब तक समाज या परिवार को हानि ना पहुंचायें । ऐसे रीति रिवाज़ किस काम के जो जान लेने पर ही आ जाएँ।