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भेड़िया आया था (लघुकथा)

chandresh   141 views   3 months ago

भेड़िया इस बार फिर आया, लेकिन कैसे? कौन था भेड़िया? पुरानी लोक कथा पर आधारित आज की लघुकथा।

पश्चाताप की ज्वाला- (अन्तिम भाग )

sunita   619 views   1 month ago

एक दिन जीया की तबियत कुछ संभली तो रवीश ने कहा वह थोडी देर के लिए ऑफिस हो आते है , जीया की आँख भर आयी , “ तुम्हे मुझसे ज्यादी नौकरी की पडी है।” रवीश ने जीया की हालत देख कहा तुम नही चाहती तो नही जाऊंगा नौकरी करने , यही रहुंगा तुम्हारे पास थका हारा रवीश .......जीया के बेड पर ही सर रख सो गया।

पश्चाताप की ज्वाला -6

sunita   617 views   1 month ago

जीया को होश आ गया नर्स ने एक इन्जेक्शन लगाया ...डॉ0 ने कहा , “ अब यह थोडा ठीक है लेकिन यहाँ बिलकुल भी शोर न हो न ही इनसे ज्यादा बात की जाये यदि ऐसा हुआ तो इनकी हालत बिगड जायेगी ” , “ मै ख्याल रखुगा डॉ0 ” ....इसी कहानी में

पश्चाताप की ज्वाला -5

sunita   1.33K views   1 month ago

जीया रीया के पास ही रही उसे अपनी छोटी बहन के लिए दुख हो रहा था उसे यह उम्मीद न थी कि अब दीपक इतना गिर जायेगा कि पैसे न मिलने पर अपनी पत्नी को ही मारेगा , जीया के दिमाग पर तनाव हावी हे रहा था उधर नन्नू निक्कू के माँ -बाप का रोल निभा थपकी देकर लोरियां सुना रहा था।

पश्चाताप की ज्वाला -4

sunita   1.34K views   1 month ago

जीया ने यह बात छिपा ली थी कि दीपक ने उसे कितना टॉर्चर किया था अब वह जब भी सामने आता , जीया को वही सब याद आने लगता उस घूर्त की मक्कारी को देख जीया अपमानित महसुस करती और उस घडी को कोसती जब.....इसी कहानी में

पश्चाताप की ज्वाला -3

sunita   1.43K views   1 month ago

' तुम सही कह रहे हो कालू , लेकिन मै दीपक की कही हुई जगह पर नही जाना चाहता था। मैने जीया के लिए बहुत ही बडे डॉ0 से बात की थी लेकिन मेरी नही सुनी मेरी गैरहाजिर में इसने जरा क्या ध्यान रखा खुद को बडा हीरों बन रहा है , जबरन मेरे परिवार का सदस्य बन बैठा । ”

पश्चाताप की ज्वाला पार्ट-2

sunita   1.55K views   1 month ago

रिश्तों के भंवर में डूबती उतरती रिया और जीया दो बहनों की कहानी .....

पश्चाताप की ज्वाला

sunita   2.08K views   6 months ago

" ‎अरे!! यह तो बिल्कुल तुम्हारी तरह लगता है रीया तुम भी बचपन में ऐसी ही थी , माँ को दिखाते हुए बोली ! है न रीया जैसा " !

झूठी भावना पर सच्चा आशीर्वाद

Mohit Trendster   471 views   6 months ago

"क्या यार! थोड़े दिन बाद नहीं जा सकती थी मम्मी? इतना मटेरियल जमा कर रखा था मैंने....थोड़ा-थोड़ा करके ऑनलाइन डालती। अब खुद उनकी डेथ की अपडेट नहीं कर सकती...सब कहेंगे मातम की जगह नौटंकी कर रही हूँ।"

हसीन बला

sunita   1.01K views   6 months ago

"शुक्रिया..." कहते हुए झटपट उतर चल पडी पीछे मुड कर भी न देखा बारिश लगभग रूक सी गयी कौन थी वो हसीनं बला मै सिर्फ सोचता ही रहा उसके ख्यालों में डूबा कब घर के कारिडोर तक जा पहुचाँ पता ही न चला..

परछाईं

abhi92dutta   758 views   2 months ago

दो दोस्त , दोनों की कहानी लगभग एक जैसी। लेकिन यह दुनिया क्या इन्हें सही से रहने देगी?

हसीन बला -2

sunita   236 views   5 months ago

वो तुम्हे चाहती थी ! क्या ! कबीर आश्चर्य चकित !! “ अगर वह मुझे चाहती थी तो उसने कभी कहा क्यों नही मै तो उसी ऑफिस में था उससे हंसी मजाक करता रहता था उसने तो कभी जाहिर नही किया।”

भूतिया महल

mmb   541 views   5 months ago

अपने महल में राजा औऱ रानी का भूत

मैं बिकूँगा नहीं

rajesh   689 views   10 months ago

उस अजनबी का स्वर यकायक हिसंक हो उठा----"क्या अपनी पत्नी को भी दाँव पर.......... ।"

जोगन-2

sunita   380 views   7 months ago

मैने जीवन में प्रभु को ही सबकुछ माना पर प्रभु ने मुझे माया में फंसा दिया मेरी जीवन नैय्या मझधार में है माता !! मै क्या करूं इतनी बेकल तो मै कभी न हुई कितनी बार लोगों के व्यंगों का सामना किया समाज से परे जा कर भी।