DOMESTIC VIOLENCE

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इज्जत के साथ

Maneesha Gautam   348 views   8 months ago

जो बोलोगे वो बना देंगे चीनी नही है घर में,पर खुशखबरी का है? हमारी लक्ष्मी के लिए रिश्ता है आया है.

अनकहा दर्द ।

chandrasingh   315 views   1 year ago

आखिर ये नयी सदी मे जी रहे लोगो की मानसिकता कब तक ये दहेज रूपी गुलामी की जंजीरों को झेलेगी इसे तोड़ना होगा और शुरुवात करनी होगी एक दहेज मानसिकता मुक्त समाज की । ताकि किसी तनिशा का फिर से अन्त न हो । अब हमे लड़ना हो, जागना होना नही तो अगली तनिशा हमारे घर से भी हो सकती है ।

कभी कभी लड़की वाले भी दहेज के दोषी होते हैं

nehabhardwaj123   247 views   1 year ago

ये कहानी है चड्ढा साहब की जिन्होंने लड़के वालों के न चाहते हुए भी अपनी बेटी की दहेज दिया, पर दूसरी बेटी की शादी करने के समय आर्थिक स्थिति तंग हो चुकी थी।

YOUR HATEFUL SURVIVOR

aesha   241 views   1 year ago

A very short open letter to my ex abuser. You were a mistake I choose. But I have found peace away from you

498A कितना सफल कितना असफल

swati21   173 views   1 year ago

IPC 498A The most misuse law. आज तक सरकार भी इस कानून को सही अर्थो में लागू नहीं करा पाई है।

Journey of an oppressed- woman

jhalak   151 views   1 year ago

This poem is about the phases comes in life of an oppressed woman from her marriage to her pregnancy and to her equation of being free and make others to help in this...so please read it full...its also a story of a dear daughter

A stamped on Rose

misswordsmith   133 views   1 year ago

A small article where I have tried to picturise the scenario of a woman facing domestic violence in both physical and mental form.

सुलोचना....( सच्ची कहानी )

dhirajjha123   127 views   1 year ago

बदलाव का अधिकार हर किसी के पास है । पर इस अधिकार का पूरा फायदा उसी को मिलता है जिसमें लड़ने की ताकत है, जिसमे हक़ छीन लेने की हिम्मत है । जो लड़ सकता है अपनों के ख़िलाफ, जो चुनौती दे सकता है सनातन से चले आ रहे बेकार के रिवाज़ों को

Consensual Rape

mehakmirzaprabhu   121 views   1 year ago

Marital rape is a form of domestic abuse that is never spoken about, infact mostly not considered as a reason to stand up against by the women it self.

श्रेणी- Story/Domestic Violence

sonikedia12   112 views   1 year ago

हाँ ये शब्द कई बार सुना । कई चोट और निशान भी देखे। पर उन चोटों और निशानों का क्या जो बड़े प्यार से दिए जाते हैं पर हम कई बार पहचान नहीं पाते और अंदर ही अंदर घुटते है एक जिंदा लाश की तरह जिसमें सिर्फ़ साँसे होती है पर खुद के लिए नहीं । इसमें गलती किसकी ये तय करना भी कठिन होता है ।

Men: The Perpetrators (A Reality or a Mindset)

abhinav   87 views   1 year ago

Violence against men do breathe in our very society. Men are always contemplated as perpetrators and women as sufferer.But is it always so?

गोपाल फ़िर से जी उठा stopdomesticviolence

hema   73 views   1 year ago

कभी कभी स्थितियाँ ऐसी हो जाती हैं कि कहानी के सभी पात्र किसी न किसी वजह से कमज़ोर और मजबूर दिखते हैं ..लेकिन नियति सबको एक मौका ज़रूर देती है अपनी भूल का प्रायश्चित करने का ... यह कहानी है उस घरेलू हिंसा की जिसकी जड़ है बेमेल विवाह...

घरेलू हिंसा

nis1985   60 views   1 year ago

आज भी हमारे देश में न जाने कितने कमलू जैसे दरिंदे भरे पड़े है जो दारु पीकर अपनी औरतो को प्रताड़ित करते है बेटा न पैदा करने पे, ये घटिया मानसिकता अभी भी १००% ख़त्म नहीं हुई है

नाम

sonikedia12   55 views   1 year ago

कभी कभी इंसान उन गलतियों का बोझ ढोता हैं जो उसने किया ही नहीं ।

Dowry

Shreya Dubey   46 views   1 year ago

They say marriages are made in heaven