DOMESTIC VIOLENCE

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घर का मामला

varsha   526 views   7 months ago

आज के समय में जब हम अपने आसपास कुछ भी गलत होता देखकर भी आंखें मोड़ लेते हैं तो हम कैसे अपने लिए संवेदनशीलता की उम्मीद रख सकते हैं।

तन के घाव से भारी मन के घाव जिनकी पीड़ा न समझे कोई

Maneesha Gautam   1.07K views   5 months ago

कभी शारिरिक घाव मानसिक घाव को और गहरा कर देते है। तन के घाव को तो समय भर देता है,पर मन के घाव और गहरे होने लगते है। घाव ओर ज्यादा दुख देने लगते है जब समाने वाले को अपनी गलती का अहसास ही नहीं होता।

YOUR HATEFUL SURVIVOR

aesha   238 views   1 year ago

A very short open letter to my ex abuser. You were a mistake I choose. But I have found peace away from you

Men: The Perpetrators (A Reality or a Mindset)

abhinav   85 views   11 months ago

Violence against men do breathe in our very society. Men are always contemplated as perpetrators and women as sufferer.But is it always so?

नाम

sonikedia12   53 views   1 year ago

कभी कभी इंसान उन गलतियों का बोझ ढोता हैं जो उसने किया ही नहीं ।

घरेलू हिंसा

nis1985   48 views   8 months ago

आज भी हमारे देश में न जाने कितने कमलू जैसे दरिंदे भरे पड़े है जो दारु पीकर अपनी औरतो को प्रताड़ित करते है बेटा न पैदा करने पे, ये घटिया मानसिकता अभी भी १००% ख़त्म नहीं हुई है

ख़ुद्दारी

cloudy   997 views   4 months ago

एक छोटी सी बच्ची की ख़ुद्दारी ओर आत्मसम्मान की कहानी...

498A कितना सफल कितना असफल

swati21   163 views   7 months ago

IPC 498A The most misuse law. आज तक सरकार भी इस कानून को सही अर्थो में लागू नहीं करा पाई है।

घरेलूं हिंसा

Piyush Shukla   26 views   1 year ago

घरेलूं हिंसा का मतलब यह नही होता है कि किसी महिला या लड़की को मारना या पीटना बल्कि इसका वास्तविक मतलब ,किसी भी महिला या लड़की की भावनाओं से खेलना, उसे उसकी मर्जी के विरुद्ध कार्य करवाना , शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना।।

Consensual Rape

mehakmirzaprabhu   109 views   1 year ago

Marital rape is a form of domestic abuse that is never spoken about, infact mostly not considered as a reason to stand up against by the women it self.

कभी कभी लड़की वाले भी दहेज के दोषी होते हैं

nehabhardwaj123   239 views   9 months ago

ये कहानी है चड्ढा साहब की जिन्होंने लड़के वालों के न चाहते हुए भी अपनी बेटी की दहेज दिया, पर दूसरी बेटी की शादी करने के समय आर्थिक स्थिति तंग हो चुकी थी।

Finding solace in the most tragic way.

writerinmaking0   365 views   1 year ago

An attempt to modify the society through my thoughts that aim to question the dynamics of domestic violence. My main concern is to talk about how domestic violence works in a place we least expect it to.

Defence

ashwanikumartiwari3   10 views   9 months ago

It's a story thats best savoured when unfolded without having any prior information about it.

गोपाल फ़िर से जी उठा stopdomesticviolence

hema   72 views   1 year ago

कभी कभी स्थितियाँ ऐसी हो जाती हैं कि कहानी के सभी पात्र किसी न किसी वजह से कमज़ोर और मजबूर दिखते हैं ..लेकिन नियति सबको एक मौका ज़रूर देती है अपनी भूल का प्रायश्चित करने का ... यह कहानी है उस घरेलू हिंसा की जिसकी जड़ है बेमेल विवाह...

An unforgettable fear

jhalak   35 views   1 year ago

Woman is the best creation of God ,only she can sit on the chair of God in the form of Mother.....but the best have to face the worst...