CONFESSIONS

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वो पाँच दिन

Sharma Divya   1.23K views   1 year ago

मासिक धर्म की शुरुआत जिस दिन पहली बार होती हैं वो दिन एक लड़की के लिए सबसे उलझन का होता है। बस माँ ही संभाल सकती है अपनी बेटी को इस समय।

दूघ का कर्ज

kumarg   786 views   1 year ago

नालायक से नालायक औलाद भी बुजुर्गों की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हैं । ऐसे में ऐसा बेटा जिसे दुनिया श्रवणकुमार के तौर पर जानती है वह अपने पिता की अंतिम इच्छा को सिरे से नकार दे रहा है । आखिर क्यों ...... पढ़िए कहानी ।

Confession from my underrated self to my present.

writerinmaking0   390 views   2 years ago

I know very well I may not make usual sense to you but I'm at the least sure some distinguished hearts would absolutely feel me as they read.

Kid Age Confessions

Sandarsh Sd   290 views   2 years ago

Few confessions of my childhood age where i had been sinful for the love of food and Pen. This confession story picturises the devalued behaviour due to inferiority complex at my kid age.

Confessions of a lass

khyati   191 views   2 years ago

The life has oodles of suffering to offer you. But the strength of morals is something that is required to wage a battle gainst your inner demons. strive ahead because you want to so something Big!

मैं और पलाश

abhidha   153 views   2 years ago

मास्टर जी के बेटे के मन से क्या कभी पलाश का बोझ उतर पायेगा।लाख अपराध किये पलाश ने पर जाते-जाते किसी को जीवन दान दे गया था।

प्रेम

nidhi   143 views   1 year ago

बोलो करोगे ना मुझसे प्रेम मेरे बिखर जाने तक या मेरे संवर जाने तक।। करोगे ना मुझसे प्रेम जब प्रेम करने की कोई वजह नही होगी? क्या करोगे मुझसे इतना प्रेम कि मैं सिर्फ प्रेम का एहसास रख सकू दिल में... बोलो है साहस? मुझसे प्रेम करने का?

For the Last Time

shivangi   126 views   2 years ago

this story is the confession of a guy who was in living-relationship but not loyal enough to deserve that girl. To know the reason read the story............

पश्चाताप: अंतरआत्मा की आवाज

Anonymous
  85 views   2 years ago

हे भगवान मुझे क्षमा कर देना, हे भगवान मुझे क्षमा कर देना।

मेरा निक्टोफोबिया

Mohit Trendster   79 views   2 years ago

यह भय केवल अंधकार का नहीं था बल्कि उसमे गढ़ी अज्ञात बातों, काल्पनिक भूत-प्रेतों, जीवों का भी भय था। जब भी लाइट ऑफ कर सोने की कोशिश करता तो ऐसा लगता जैसे कोई कमरे में बैठा मुझे देख रहा है। उस ओर पीठ कर सोने को होता तो लगता कि वह और पास आ गया है।

Why dad?

akshay khodpatil   76 views   2 years ago

Lost conversation between father and son.

मूक

jhalak   62 views   2 years ago

कभी मनुष्य की इच्छाएं उससे कुछ ऐसे गुनाह करवा देती हैं जिनकी कोई माफी नहीं होती......

Dear mom and dad

negswell   53 views   2 years ago

An open letter to my parents.

मेरी और नियती के बीच की लड़ाई

dhirajjha123   43 views   2 years ago

इन दिनों मैं खुद को मजबूत कर रहा हूँ क्योंकि आने वाले वक्त में मुझे इस मजबूती की बहुत ज़रूरत पड़ने वाली है दरअसल मुझे नहीं ये ज़रूरत मेरी ज़िम्मेदारियों को पड़ने वाली है । कुछ सालों पहले ऐसे ही दौर से गुज़रा था मगर तब डर नहीं था

Where Arth Thou?

uddipta321   39 views   2 years ago

This poem describes the pain of a boy as the girl whom he loves left him for no reason. The boy doesn't seem to understand why she had left him. He is going through a lot of pain and desperately wants her back for he still loves her deeply.