ACID ATTACK

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BEATIFIC WINS, EVIL NEVER PREVAILS

aesha   438 views   1 year ago

Story of Bravery. An article based on Laxmi Agarwal Acid Attack that took place in India.

That heat still hurts

jancipr   52 views   1 year ago

The poem is penned by an acid attack victim to the man who ruthlessly spoiled her life filled with dreams.

द ब्यूटीफुल फेस(तृतीय अंक)

ujbak   122 views   1 year ago

एसिड अटैक विक्टिम एक स्त्री की कथा।

कजॆ तेजाब का

anand10   153 views   1 year ago

जब किसी लड़की पर तेजाबी हमला होता है तो उसके साथ क्या क्या होता है और तेजाबी हमले की सजा क्या होनी चाहिए ।

Wings of Change

uddipta321   26 views   1 year ago

Its a short story urging us that through courage and truth we can fight and remove social evils and torment from our society forever and can bring a positive change in it.

दंभ और तेज़ाब

poojaomdhoundiyal   43 views   1 year ago

हा! हा! हा! उसकी हँसी गूँजी ज़ोर वो बोला, ‘करले अब अपने हुस्न पर गुरुर और’ मैं रोती, बिलखती, तड़पती रही आह! हाय!आह! मुँह से निकलती रही बस जिन्दा थी, पर आत्मा तो मेरी आहत थी अब तो आईना देखने से भी डरती थी क्या होती है सुंदरता एक पाप जो बन गयी वो मेरे लिए श्राप।

द ब्यूटीफुल फेस(द्वितीय अंक)

ujbak   165 views   1 year ago

एक एसिड अटैक विक्टिम की जीवन-गाथा

Acidic Atrocities

Sandarsh Sd   273 views   1 year ago

There goes a story on couple of acid attacks which makes the reader furious. The reader comes up with an initiative to help the sufferers in bringing them back to normal, which widely spreads over the nation. But is that all? Does this initiative grows into a problem solver??

#AcidAttack सुना था लड़कियाँ घर की लक्ष्मी होती है..

shipratrivedi   32 views   1 year ago

लड़कियों को हमेशा से घर की लक्ष्मी कहा जाता आया है, पर समय दुर्गा बनने का है.. हमारे पूर्वज ही बता गए है कि स्त्री की पूजा तभी हो सकती है जब वह शेर पर सवार हो और उसके हाथों में अस्त्र शस्त्र हो..

द ब्यूटीफुल फेस (पहला अंक)

ujbak   245 views   1 year ago

एसिड अटैक की शिकार एक स्त्री की जीवनगाथा

तेज़ाबी आँखें

Mohit Trendster   109 views   1 year ago

बेल्ट, चप्पल, हाथ-पैर खाती खूनमखून रिद्धिमा की सिसकियाँ बस सांस लेने का संघर्ष थी, उसे दर्द कहाँ हो रहा था! इतनी हिम्मत कहाँ थी दर्द में? जैसे सात जन्म की पीड़ा इन 5-7 वर्षों में सिमट गयी हो। वो आखरी बार तेज़ाब से जले अपने चेहरे के मवाद में बिलबिलाते कीड़ों को देखकर चीखी थी।

मानवता के खिलाफ तेजाबी हमला

utkrishtshukla   423 views   1 year ago

महिलाओं पर लगातार बढ़ती इंसानी हैवानियत पुरुषों​ की रुढ़िवादी और कुंठित मानसिकता का परिणाम है।.................. हमें वचनबद्ध होना होगा कि हम अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार हमलों की शिकार महिलाओं की सहायता करेंगे।....

काले चश्मे वाली नर्स

Rajeev Pundir   127 views   1 year ago

किसी को गहरी चोट और दर्द पहुँचाना बहुत आसान है. मगर ज़िन्दगी जब वही चोट और दर्द हमारी झोली में डालती है तो हम बिलबिला उठते हैं. तब शायद हमें महसूस होता है कि जो दर्द और चोट हमने दूसरों को पहुंचायी थी वो वास्तव में कितनी भयानक थी.

तेज़ाब

suryaa   71 views   1 year ago

जैसी करनी वैसा फल" के कहावत को चरितार्थ करती हुई एसिड अटैक पर आधारित कहानी

I can try to live...

jhalak   19 views   1 year ago

Something which I can't change but I can try to live....