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@dawriter

Acid Attack (A Luv Story)

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Rahul RK by  
Rahul RK

Acid Attack ( A Luv Story)

भगवान की बनाई हर चीज़ बहुत खूबसूरत होती है फिर चाहे वो पेड़-पोधे, पशु-पक्षी या इन्सान ही क्यों न हो। लेकिन इन्सान इस से अलग सोचता है। इंसानों की नज़र में सिर्फ इन्सान ही खूबसूरत है। वो ये नहीं देखता की उसके आस -पास उससे भी खुबसूरत चीज़े हैं। अगर हम खूबसूरती की बात करें और उसमे लड़कियों की बात न करें तो खूबसूरती अधूरी-सी लगती है। कहते हैं लड़की को भगवान खुद बनाते हैं। लड़की जब तक खुबसूरत है सब उसे पसंद करते हैं। अगर लड़की के दामन में एक भी दाग लग जाये तो कोई इन्सान उसे देखना भी पसंद नहीं करता। इन्सान बहुत मतलबी होता है वो जितना प्यार कर सकता है उससे कहीं जयादा नफरत करता है।

ये कहानी उस लड़की की है जो खुबसूरत होते हुए भी खुबसूरत नहीं रही। उस लड़की का नाम सृष्टि था। उसका एक ही सपना था वो एक गायक बने। उसके परिवार वाले जब उससे पूछते थे कि बड़ी होकर क्या बनोगी तो वह बोलती थी की मै तो बड़ी होकर गायक बनूँगी। तो उसके परिवार वाले बोलते थे की यह काम हमारे जैसे लोगों के बस की बात नहीं है। सृष्टि के परिवार में मम्मी-पापा, छोटा भाई और दादी थी। उसके पापा पॉजिटिव सोच वाले इन्सान थे। पापा डाकखाने में डाकिये की पोस्ट पर थे। उन्हें दिल की भी प्रॉब्लम थी। सृष्टि के परिवार वालों की सोच यह थी की पढ़-लिखकर एक अच्छी सी नौकरी मिल जाये और उसके बाद शादी कर देंगे। लेकिन सृष्टि ऐसा नहीं सोचती थी की वो तो अपने सपनो को जीना चाहती थी।

सृष्टि उस समय कॉलेज में जाती थी एक लड़का उसे हर रोज़ फॉलो करता था। वो उसकी फ्रेंड का भाई था। जब सृष्टि अकेली होती थी तो वो सृष्टि को रोक लेता था कभी उसका हाँथ पकड़ लेता था और बोलता था की मै तुम्हे पसंद करता हूँ और तुम से शादी करना चाहता हूँ। वो लड़का सृष्टि से 5 साल बड़ा था। कभी-२ उसके साथ बदतमीजी करता था और बोलता था की अगर तू किसी और लड़के के साथ दिखी तो मै तेरे साथ कुछ भी कर सकता हूँ। सृष्टि ने ये सब अपने परिवार को भी नहीं बताया था क्योंकि वो उसकी फ्रेंड का भाई था। सृष्टि ने जब ये सब अपनी फ्रेंड को बताया तो उसकी फ्रेंड उल्टा उसे ही बोलने लगी की मेरा भाई ऐसा नहीं है मुझे तो तेरी नियत पर ही शक है।

जिस कॉलेज में सृष्टि थी उसकी क्लास में एक लड़का पढ़ता था जिसका नाम अजय था। सृष्टि के फ्रेंड्स का एक ग्रुप था जिसमे अजय भी था। वो सृष्टि को पसंद करता था। अजय ने कभी उसकी खूबसूरती से नहीं सिर्फ उससे प्यार किया था। सभी में हसी-मजाक चलता रहता था। अजय ने कभी सृष्टि को नहीं बताया था। अजय भी मिडिल क्लास परिवार से था। उसके परिवार में मम्मी-पापा, एक छोटी बहन थी। अजय के पापा टीचर थे। अजय सृष्टि का बहुत अच्छा फ्रेंड था। अक्सर सृष्टि के घर भी जाता था। सृष्टि के घरवालों को भी अजय अच्छा लगता था। कहते हैं जिसमे कुछ न कुछ खूबी होती है वो सबको पसंद आता है। अजय अच्छा लड़का था सबका आदर सत्कार करता था। घर में भी सब से बहुत प्यार करता था।

कुछ दिनों बाद कॉलेज के एग्जाम खत्म हो जाते हैं। सृष्टि ने पहले ही सोच रखा था की हॉलीडेज में म्यूजिक सीखना है। सृष्टि अक्सर अकेले में गुनगुनाती रहती थी। कहते हैं कुछ बच्चों में छुपी हुई प्रतिभा होती है जो उनके माता-पिता भी नहीं पहचान पाते। सृष्टि अपने परिवार को बोलती है तो सभी मना कर देते हैं लेकिन सृष्टि पापा से बोलती है तो वो मान जाते हैं। पापा बोलते हैं जो तू करना चाहती है वो कर। तू मेरी अच्छी बेटी है। सृष्टि पापा के साथ सबसे ज्यादा बनती थी। पापा बोलते हैं तू जब कहेगी हम तब चलेंगे तेरा एडमिशन करवाने। अब खुश। सृष्टि- बहुत खुश पापा। अब आप आराम करो। मैं आपको बता दूंगी। सृष्टि अजय से फोन करके बोलती है की मुझे म्यूजिक इंस्टिट्यूट के बारे में बता। अजय- किस लिए चाहिए। म्यूजिक सीखना है। सृष्टि- हाँ सीखना। तुजे बताना है या नहीं। अजय- मैं पता करके कल बता दूंगा। सृष्टि- ओके। अगले दिन अजय सृष्टि से फ़ोन करता है और बोलता है की मैंने पता किया एक म्यूजिक इंस्टिट्यूट है मैं वहां का पता भेजता हूँ तू चली जाना। सृष्टि- तू नहीं चलेगा मेरे साथ। अजय- मै चलता तेरे साथ पर एक काम से मुझे कहीं जाना पड़ेगा। तू कल चली जाना। सृष्टि- ओके मै चली जाऊंगी। कुछ देर बाद उसके पास एक अजनबी नंबर से फ़ोन आता है। सृष्टि- हेल्लो! कोन। उधर से एक लड़का बोलता है वो वही लड़का था जो सृष्टि को तंग करता था। लड़के से नाम बताया और बोला मुझे तेरे साथ आखरी बार बात करनी है फ़ोन मत काटना। सृष्टि- बोल क्या कहना है। वो लड़का बोलता है की क्या तुम मुझे पसंद नहीं करती। सृष्टि- मै नहीं पसंद करती। तेरी वजह से मेरी फ्रेंड मेरे साथ नहीं बोलती और आज के बाद यहाँ कभी फ़ोन मत करना। सृष्टि की ये बाते सुन कर लड़के को बहुत गुस्सा आता है।

अगले दिन सृष्टि पापा को बोलती है पापा आज म्यूजिक इंस्टिट्यूट जाना है। पापा मना कर देते हैं बेटा आज मुझे बहुत काम है तू चली जा या अजय को ले जा। सृष्टि- आपने ही कहा था की मै चलूँगा साथ में। पापा- मुझे आज बहुत काम है नहीं तो मै ही चलता। सृष्टि- ठीक है पापा मै खुद ही चली जाऊंगी। उधर उस लड़के को भी पता चल जाता है कि सृष्टि आज किसी काम से घर से बाहर जाने वाली है। सृष्टि घर से निकती है कुछ दूर से वो लड़का उसको फॉलो करता है वो अपने चेहरे पर कपडा बांधे होता है इसलिए सृष्टि को पता नहीं होता वो कोन है। सृष्टि म्यूजिक इंस्टिट्यूट पर पहुँच जाती है कुछ देर बाद सृष्टि बाहर आती है वो लड़का उसे फिर से फॉलो करता है सृष्टि को लगता है ये मुझे ही फॉलो कर रहा है सृष्टि पीछे पलटती है वो लड़का आचानक से उसपे एसिड डाल देता है और वहाँ से भाग जाता है कोई उसे नहीं पकड़ता। सृष्टि का चेहरा बुरी तरह जल जाता है उसकी चीखे निकलती हैं बहुत सारे लोग वहाँ आ जाते हैं लेकिन कोई उसकी हेल्प नहीं करता बस मरते हुए देखते रहते हैं। एक अंकल आते हैं जो सृष्टि के उपर पानी डालते हैं सृष्टि को बहुत जलन होती है वो ही अंकल हॉस्पिटल में फ़ोन करते हैं एम्बुलेंस आती है और सृष्टि को उठा कर ले जाती है। हॉस्पिटल से सृष्टि के घर पर फ़ोन किया जाता है और सभी उसी समय वहाँ पहुँच जाते हैं। सारे परिवार की आँखों में आंसू होता है उस वक़्त बहुत तकलीफ होती है जब किसी माँ-बाप का बच्चा ज़िन्दगी और मौत के बीच खेल रहा हो। ठीक वैसे ही सृष्टि के परिवार के साथ हो रहा था सारे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। अजय को भी सृष्टि के बारे में पता चलता है वो भी उसी समय वहां पहुँच जाता है उस समय वो क्या देखता है कि सबका रो-रो कर बुरा हाल है कोई उनको सँभालने वाला नहीं होता। एक अजय ही होता है जो उन्हें संभालता है। सृष्टि को देखकर अजय के भी आंसू निकल गये। अजय का सारा दिन हॉस्पिटल में ही जाता था। कुछ समय के लिए घर जाता था तो गुम-सुम रहता था मम्मी उससे पूंछती थी की क्या हुआ तो वो कुछ नहीं बताता था बस चुप रहता था। मम्मी ने पापा को बताया तो दोनों अजय के कमरे में गये और अजय से पूछने लगे की क्या हुआ बेटा तू चुप-चुप क्यों रहता है। क्या अपने मम्मी-पापा को भी नहीं बताओगे। तू हमारा इकलौता बेटा है अगर तू हमें नहीं बतायेगा और ऐसे ही गम-सुम रहेगा तो हम भी खुश नहीं रह पाएंगे। अजय सृष्टि के बारे में उन्हें बताता है बताते-२ उसकी आँखों से आंसू निकल जाते हैं। मम्मी-ऐसा मत कर बेटा हमें पता है वो तेरी सबसे अच्छी दोस्त है सब ठीक हो जायेगा। हम दुआ करेंगे वो जल्दी ठीक हो जाये। पापा- हम कल हॉस्पिटल चलेंगे उनसे मिलने। अगले दिन वो सब हॉस्पिटल जाते हैं अजय सृष्टि के मम्मी-पापा से उन्हें मिलवाता है। बात करते-२ सृष्टि के मम्मी-पापा के आँखों से आंसू आ जाते हैं। अजय के मम्मी-पापा उन्हें हौंसला देते हैं कि सृष्टि जल्दी ठीक हो कर घर जाएगी।

कुछ समय बाद सृष्टि को होश आता है उसका चेहरा बहुत ज्यादा जल जाता है। डॉक्टर सृष्टि के मम्मी-पापा से मिलते हैं और बोलते हैं वो उससे मिल सकते हैं पर अभी दर्द है आप उसके साथ ज्यादा मत बोलना। सारा परिवार अन्दर जाता है सृष्टि सबको देख कर खुश होती है। माँ तो माँ होती है अपनी औलाद को ऐसी हालत में देख कर अपने आप को रोक नहीं पाती और रोने लगती है। उस समय तक भी सृष्टि की हालत नाजुक होती है सृष्टि बोलने की कोशिश करती है पर पापा मना कर देते हैं। तुम आराम करो। हम जल्दी से तम्हें घर ले जायेंगे।

3 महीनो बाद सृष्टि ठीक हो जाती है और घर आ जाती है। जो रिश्तेदार आते-जाते थे वो कभी पलट कर नहीं आये, दोस्त कभी पता लेने नहीं आये और पड़ोसी तो यह तक बोलते थे की एसिड डालना था तो शारीर के किसी और हिस्से पर डाले देता अब कौन इससे शादी करेगा। लड़की है मार दो इसे। घर से बाहर जाने में उसे परेशानी आती थी कोई भी गलत बोल देता था और न कोई उसके पास आता था। सब कुछ बदल सा गया था। घरवालों के बाद एक इन्सान था जो उसे सपोर्ट करता था वो अजय था इतना सब होने के बाद उसने उसका साथ नहीं छोड़ा। मम्मी और सृष्टि कमरे में बैठे थे और बात कर रहे थे। मम्मी ने कहा जब तू हॉस्पिटल में थी तब अजय ने हमारी बहुत हेल्प की और तेरा भी बहुत ख्याल रखा। अचानक अजय भी आ जाता है मम्मी को नमस्ते बोलता है और सृष्टि से बोलता है कैसी है अब। सृष्टि- देख ले तेरे सामने ही बैठी हूँ। मम्मी- मैं तुम्हारे लिए कुछ लाती हूँ तुम दोनों बात करो। सृष्टि- तुम कॉलेज क्यों नहीं गये। अजय- बस ऐसे ही तुम भी चलो। सृष्टि मना कर देती है इस चेहरे के साथ मै कहीं नहीं जा सकती। मुझे खुद इस चेहरे से डर लगता है अगर बाहर गयी तो लोग कुछ-२ बात बनाएंगे। अजय- तुम्हें इसका डर है कि लोग बात बनाएंगे। इसका मतलब तुम कभी बाहर जाओगी ही नहीं। तभी वहाँ मम्मी आ जाती हैं। अजय- आंटी आप ही बताओ इसे कॉलेज पूरा करना चाहिए? मम्मी- अजय सही कह रहा है तुम्हें कॉलेज पूरा करना चाहिए ।

अगले दिन सृष्टि कॉलेज जाती है वो मुह पर कपड़ा बांध कर जाती है जिससे उसे कोई पहचान न सके। जब क्लास का समय होता है सभी क्लास रूम में जाते हैं सृष्टि ऐसे ही क्लास में बैठती है तो एक प्रोफेसर बोलता है क्लास में ऐसे नहीं बैठ सकते। सृष्टि कपड़ा हटा देती है सभी अचानक से चौंक जाते हैं। क्लास खत्म होने के बाद सभी उसे गलत-२ बोलते हैं कोई बोलता है इतना कुछ हो जाने के बाद भी ये कॉलेज आई है, कोई बोलता है और अब न कोई इससे शादी करेगा इसको मर ही जाना चाहिए। उनकी बातों का जवाब अजय देता है सृष्टि ने कम-से-कम घर से बाहर निकलने की हिम्मत तो दिखाई। अगर ये सब तुम्हारे किसी के साथ होता तुम तो मर ही जाते। पहले अपने आपको देखो फिर किसी के बारे में बात करना। सृष्टि वहाँ से सीधी घर चली जाती है और अपने कमरे में जा कर कमरे का दरवाजा बंद कर लेती है। मम्मी बाहर से दरवाजा खुलवाने की कोशिश करती हैं लेकिन सृष्टि दरवाजा नहीं खोलती और रोती रहती है थोड़ी देर बाद अजय भी वहाँ आ जाता है अजय भी दरवाजा खुलवाने की कोशिश करता है लेकिन वो नहीं खोलती। कुछ देर बाद सृष्टि दरवाजा खोलती है मम्मी उसके पास जाती हैं। सृष्टि मम्मी के गले लग कर बहुत रोती है और बोलती है कोई मुझे पसंद नहीं करता सब मुझसे नफरत करते हैं और मेरे बारे में गलत-२ बोलते रहते हैं। मम्मी- अगर तुम ऐसे ही घर बैठी रही तो तुम कुछ भी नहीं कर पाओगी। बात हमेशा उनकी होती है जिनमे कोई बात होती है तुम इसे कमजोरी मत समझो ये तो तुम्हारी ताकत है। भगवान ने तुम्हें दूसरा जन्म दिया है। क्या तुम इसे ऐसे ही ख़राब करोगी? सृष्टि सारी रात नहीं सो पाती बस सोचती रहती है मुझे क्या करना चाहिए। एक बार उसके मन में ये भी आता है आत्महत्या कर लेती हूँ। दुसरे ही पल उसके मन में परिवार के बारे में आता है जिस परिवार ने उसकी उस समय हेल्प की जब मुझे उनकी जरूरत थी और आज उन्हें मेरी जरूरत है मै पीछे हट रही हूँ। नहीं मै अब अपने परिवार के लिए ही सब कुछ करुँगी। सृष्टि कॉलेज के लिए तैयार हो जाती है और अजय के पास फ़ोन करती है मुझे भी ले चलना कॉलेज। कॉलेज में सब उसके बारे में वही बात करते हैं लेकिन वो उन पर गौर नहीं करती। सृष्टि की एसिड अटैक की खबर अख़बार में भी आई थी तो एक NGO से एक मैडम सृष्टि से मिलती हैं और अपने बारे में बताती हैं। उन्होंने बताया की हम एसिड के विरुद्ध campaign चला रहे हैं। हम चाहते हैं कि आप भी हमारा साथ दें। सृष्टि ने इसके लिए हाँ कर दी। इसके बारे में सृष्टि ने अपने परिवार और अजय को बताया तो सबने उसका साथ दिया। सृष्टि वहां गयी और देखा की वो केसे campaign कर रहे हैं। सृष्टि को लगा की ये बहुत धीमी शुरुआत है उसने उसी मैडम से बात की और बोली मैडम ऐसे तो बहुत साल लग जायेंगे और कुछ नहीं होने वाला। न सरकार का ध्यान जायेगा और न ही जनता का। मैडम पूछती हैं तुम्हारे पास कोई आईडिया है। सृष्टि- मेरे पास एक आईडिया है आज के समय में सभी लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहते हैं क्यों न हम सोशल मीडिया को टारगेट करें। मैडम- ये तुमने बहुत अच्छी बात कही है। इसके लिए सबसे पहले हर सोशल मीडिया पर #BanAcidAttack नाम से पेज बनाना गया जहाँ पर विडियो,फोटो और उससे सम्बंधित पोस्ट डाला जाने लगा। धीरे-२ विडियो और फोटो पर लाइक और कमेंट आने लगे। कुछ ही दिनों मे #BanAcidAttack ट्रेंड करने लगा। सब इन विडियो और फोटो को अपने पर्सनल अकाउंट पर शेयर करने लगे और पॉजिटिव कमेंट आने लगे। सृष्टि ने मैडम को बोला की अब समय है हमे एक तारीख डालने के लिए जब सब एक जगह इक्कठा होकर सरकार के खिलाफ एसिड अटैक पर रैली करें। जब सृष्टि एसिड अटैक पर compaign कर रही थी तो अजय उसके पास आया और बोला की तुम्हारे पापा को हार्ट अटैक आया है वो हॉस्पिटल मे हैं। जब तक सृष्टि वहाँ पहुँचती है पापा की मौत हो चुकी होती है। सृष्टि के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। उसके परिवार में पापा ही थे जो कमाते थे। सृष्टि को भी लगा की अब उसे कुछ-न-कुछ काम करना पड़ेगा। उसने अजय को बोला मुझे अब काम करना है तुम मेरे लिए कुछ देख दो। अजय ने कहा की और जो compaign शुरु किया है उसका क्या होगा। सृष्टि- मै दोनों को करुँगी। मम्मी आती हैं और बोलती हैं बेटी जो तुमने काम शुरु किया है उसे पूरा करो तुम्हारे पापा भी चाहते थे कि जो काम तुम कर रही हो वो बहुत अच्छा काम है। तुम्हें उसे करना चाहिए। जो होगा अच्छा होगा।

अगले दिन सृष्टि मैडम से मिलती है मैडम अब समय आ गया है वो करना चाहिए जो सोचा था। मैडम ने पूछा कब करना चाहिए तुमने कुछ सोचा। सृष्टि- हाँ मैंने सोच रखा है 31 अगस्त। हमारे पास 15 दिनों का समय है जो भी करना है बस जल्दी करना है सबसे पहले हमें अपने सोशल साईट पर ये तारीख डालनी है उसके बाद लोगों का रिएक्शन देखना है। NGO के हर मेम्बर को बोला गया की अपने हर अकाउंट पर इसे शेयर करो। सबने यही किया। दो दिनों में ही
#BanAcidAttack ट्रेंड करने लगा। लोगों का पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा था। लोकेशन भी डाली गयी दिल्ली का जंतर-मंतर। आखिरकार वो दिन आ ही गया सृष्टि सभी लोगों के साथ निकली और उसके साथ लोग जुड़ते चले गये। जंतर-मंतर तक पहुँचते-२ हज़ारों की संख्या में लोग उनके साथ थे। सबके हाथ में Ban Acid का फ्लैग था। और सभी यही नारा लगा रहे थे Ban Acid। उन सभी को बोला गया था जो भी प्रदर्शन करना है शांति से करना है। लोगों की संख्या देखकर पुलिस और फ़ोर्स को बढ़ाया गया। प्रदर्शन शांति से चल रहा था। प्रदर्शन लगभग 5-6 दिन चला। कोर्ट ने केस को एक्सेप्ट कर लिया। लोगों को एक ख़ुशी मिली। कोर्ट का आर्डर आया की प्रदर्शन को शांति से खत्म किया जाये। सृष्टि ने कोर्ट के आर्डर को माना और सभी को बोला हमे प्रदर्शन खत्म करना चाहिए। कहते हैं भारत में कुछ भी काम शांति से खत्म नहीं होते उस दिन भी वही सब हुआ। भीड़ में कुछ लोग ऐसे थे जो शोर-शराबा कर रहे थे। उनकी वजह से पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा।

सृष्टि ने अजय को बोला मुझे जॉब की जरूरत है अब। मेरे लिए कोई जॉब देख दो। अजय- सृष्टि मै तुम्हें कुछ कहना चाहता हूँ । सृष्टि- बोलो अजय क्या बात है। अजय- सृष्टि मै तुमसे प्यार करता हूँ और हमेशा तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ । सृष्टि- क्या ये सच है क्योंकि मुझे कोई प्यार नहीं करता। मुझे खुद से नफरत है और तुम मुझसे प्यार करते हो। तुम्हें मुझे देखना चाहिए तुम अपनी ज़िन्दगी ख़राब कर रहे हो मेरे बारे में सोच कर। ये सब सोचना छोड़ दो सब ठीक हो जायेगा। अजय- तुम्हें लगता है तुम सुन्दर नहीं हो तो क्या कोई तुम्हें प्यार नहीं कर सकता। कॉलेज के पहले दिन से तुम मुझे अच्छी लगती हो और मैंने कभी तुम्हारी खूबसूरती से प्यार नहीं किया सिर्फ तुमसे प्यार किया। अगर खूबसूरती से प्यार करना होता अब तक मै तुम्हारे साथ नहीं होता। तुम्हें लगता होगा तुम इस हाल में हो तो क्या कोई तुम्हें प्यार नहीं कर सकता लेकिन मैंने किया है प्लीज। सृष्टि- वैसे मै भी तुम्हे पसंद करती थी जब मेरा ये हाल हुआ फिर मैंने उम्मीद छोड़ दी कि अब मुझे कोई पसंद नहीं करेगा। I love U Ajay! अजय- I love U Too srishti ! फिर दोनों एक दुसरे के गले लगे। सृष्टि- क्या तुम्हारे परिवार वाले मानेंगे इस रिश्ते को। अजय- मै कोशिश करूँगा।

अजय ने घरवालों से बात की और बताया की मै सृष्टि से शादी करना चाहता हूँ । पापा ने कहा की ऐसा नहीं हो सकता अगर वो इस घर मे आई तो समाज हमे क्या कहेगा? कोई हमसे बात नहीं करेगा । समाज कैसी -२ बात करेगा हमारे बारे में। अजय- आपको समाज की पड़ी है अपने बेटे की नहीं। मै करूँगा उसी से शादी वरना कभी शादी नहीं करूँगा। मै यह से चला जाऊंगा। मम्मी- बेटा ऐसा नहीं करना हम तुम्हारे लिए कोई और लड़की देख लेंगे । अजय- नहीं मम्मी मुझे सिर्फ वही चाहिए। वरना मैं जा रहा हूँ। मम्मी ने रोकने की कोशिश की पर पापा ने नहीं। मम्मी सृष्टि को फ़ोन करती हैं कि बेटा अजय पता नहीं कहाँ चला गया है अब तक घर नहीं आया और न ही मेरा फोन उठा रहा तुम कुछ करो। मम्मी ने पापा से बात की आप मान जाओ सृष्टि अच्छी लड़की है। पापा- कैसे मान जाऊँ समाज हमारे बारे में क्या बात करेगा? मम्मी- अगर बेटा ही नहीं रहा तो क्या वो समाज आपको बेटा देगा। पापा- ठीक है। उधर सृष्टि अजय को फ़ोन करती है तो वो उसका भी फ़ोन नहीं उठाता और सृष्टि वहीं गयी जहाँ अक्सर दोनों जाते थे। सृष्टि- तू फ़ोन क्यों नहीं उठा रहा मेरा? क्या बात हुई बताता है या मै वापिस जाऊँ। अजय- पापा नहीं माने। सब खत्म हो जायेगा। सृष्टि- कुछ खत्म नहीं होगा जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। तभी मम्मी का फ़ोन आता है सृष्टि बोलती है फ़ोन उठा। अजय फ़ोन उठाता है बेटा कहाँ है अजय- बस आ रहा हूँ। मम्मी- अजय तेरे पापा मान गये तू घर आ जा। अजय- मम्मी सच में पापा मान गये I Love U Mummy! मै आ रहा हूँ। अजय सृष्टि से बोलता है की पापा मान गये मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है। दोनों एक दुसरे के गले लगते हैं और सृष्टि बोलती है मैंने बोला था न जो होता है अच्छे के लिए ही होता है।

अगले दिन अजय के मम्मी-पापा सृष्टि के घर जाते हैं। अजय की मम्मी बोलती हैं सृष्टि कहाँ है। सृष्टि अन्दर से बाहर आती है और उन्हें नमस्ते बोलती है। चाय-पानी पीने के बाद पापा बोलते हैं हम आपके साथ एक बात करना चाहते हैं। हम सृष्टि को अपने घर की बहु बनाना चाहते हैं। सृष्टि की मम्मी सोच भी नहीं पातीं की ये सब क्या हो रहा है। अजय की मम्मी बोलती हैं क्या हुआ? सृष्टि की मम्मी- मुझे विश्वास नहीं हो रहा। अजय की मम्मी-ये सच है। सृष्टि की मम्मी-अन्दर जाती हैं और कुछ मीठा लेकर आती हैं और सबका मुँह मीठा कराती हैं। पापा बोलते हैं कुछ दिनों बाद सगाई कर देनी चाहिए। कुछ दिनों बाद सगाई हो जाती है।

मैडम सृष्टि के पास फ़ोन करती हैं लेकिन उसका फ़ोन बंद आता है तो अजय के पास फोन करती हैं अजय फोन उठाता है मैडम- कहाँ हो अजय। अजय- मै घर पर हूँ। मैडम- मैं सृष्टि को फ़ोन कर रही थी लेकिन उसका फ़ोन बंद आ रहा है इसलिए तुम्हारे पास फ़ोन किया। अजय- क्या बात हुई मैडम। मैडम- एक खुश खबरी है सृष्टि को जॉब का ऑफर आया है। एक न्यूज़ चैनल से ऑफर आया है चैनल के मैनेजर खुद हमारे पास आये थे। अजय- मैडम मै उसे बता दूंगा। मैडम- कल सुबह सृष्टि को वहां जाना होगा पक्का याद रखना। अजय- थैंक्यू मैडम। अजय सृष्टि के घर जाता है और सृष्टि से पूछता है तेरा फोन कहाँ है। सृष्टि कमरे मे है। अजय- कब से फोन कर रहा हूँ। सृष्टि- क्या बात है बोल। अजय- पहले आंटी को आने दे फिर बताता हूँ। मम्मी भी आ जाती हैं सृष्टि कहती है अब बोल क्या कहना है। अजय- तुझे जॉब का ऑफर आया है। सृष्टि- कहाँ से। अजय- न्यूज़ चैनल से। मुझे सुबह ही मैडम का फोन आया उन्होंने मुझे बताया। मम्मी- ये तो बहुत अच्छी बात है। सृष्टि- शायद मै ये जॉब नहीं कर पाऊँगी। मम्मी- जब तुम अपने जैसी लड़कियों के लिए इतना कुछ कर सकती हो सोचो न्यूज़ चैनल के साथ जुड़ कर तुम औरों के लिए भी कुछ कर पाओगी। अगले दिन वो न्यूज़ चैनल के ऑफिस जाते हैं अजय बोलता है हमे मैनेजर ने बुलाया था। वो अंदर जाते हैं मैनेजर सृष्टि की तारीफ करता है तुम बहुत अच्छा काम कर रही हो। सृष्टि- थैंक्यू सर। मैनेजर- अब आपको टीवी पर आना है ये आपका काम होगा। मैनेजर अजय से पूछते हैं तुम कौन हो। अजय- सृष्टि और मेरी शादी होने वाली है। मैनेजर- ये तो बहुत अच्छी बात है तुम क्या करते हो। अजय- मैं अभी जॉब देख रहा हूँ। मैनेजर- तुम भी यहाँ सृष्टि के साथ जॉब करो। अजय- थैंक्यू सर! आप बहुत अच्छे हो।

शादी हो जाती है। समाज को बोलना था उन्होंने बोला लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। वो समय आ ही गया जिसका सबको इंतजार था कोर्ट में जो केस किया गया था सृष्टि वो केस जीत गयी। हर न्यूज़ चैनल और अख़बार पर यही खबर चलने लगी। एसिड पर कोर्ट ने पाबन्दी लगी दी कि खुले में एसिड नहीं बेंच और खरीद सकते। एसिड अटैक करने वालों को 10-15 साल तक की जेल। सृष्टि और उसके जैसी बहुत सी लड़कियों को इंसाफ मिल गया। इसके लिए सृष्टि के न्यूज़ चैनल ने एक पार्टी रखी। सृष्टि और अजय के परिवार से सब आये। चैनल के मैनेजर ने पहले स्पीच दी। सृष्टि के बारे में बताया आज जो इंसाफ मिला है वो सब सृष्टि की वजह से ही मिला है। मै सृष्टि को बुलाना चाहूंगा कि वो कुछ बोले इस बारे में उससे पहले मै कुछ बताना चाहता हूँ कि हम सृष्टि को एक स्टेप ऊपर लाना चाहते हैं मतलब सृष्टि को असिस्टेंट मैनेजर बनाया जाता है। सृष्टि स्पीच के लिए आती है। सबसे पहले सबका शुक्रिया करती है एसिड अटैक के बारे में सारी बात बताती है कैसे क्या हुआ था। उसने मेरे चेहरे को बदला है दिल को नहीं उसने मेरे चेहरे पर एसिड डाला है मेरे सपनों पर नहीं। भगवान ने मुझे दूसरी ज़िन्दगी दी है मै उसे क्यों बर्बाद करूँ। हमारे देश में लड़कियों की कोई वैल्यू नहीं है कहीं पर भी कुछ भी कर दो कुछ नहीं होता। हम आये दिन सुनते हैं और देखते हैं लड़कियों पर एसिड डाला गया उनके साथ रेप किया गया। लेकिन हमारा कानून कुछ नहीं करता। आज बहुत ख़ुशी हुई की कोर्ट ने हमारी सुनी। मै बस यही चाहती हूँ कि आने वाले दिनों में ऐसा कभी न हो। हमारा देश अपराध मुक्त हो। तभी देश आगे बढ़ेगा । जिस NGO के साथ मैंने जुड़ कर ये सब किया आज हमारा चैनल उस NGO के साथ मिल कर एक शुरुआत कर रहा है, जितनी भी एसिड अटैक से पीड़ित लड़कियां हैं उनके लिए एक अलग घर बनाये जायेंगे और उन्हें हुनर सिखाया जायेगा। रोजगार दिया जायेगा। अगर अप सब हमारे साथ हैं तो हम सब कुछ कर सकते हैं। सृष्टि ने एसिड अटैक पर एक शायरी सुनाई

ऐसे इत्र न छिड़क, जिससे खुशबू मिलने की जगह

चेहरा जलता हो..

प्यार का ढोंग करके, हवस दिखाते हो..

उसी फूल को कुचलते हो,

जिससे खुद सुगंधित होते थे।

Shayari By- Shradha

By- Rahul Dhiman

#stopacidattacks



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