EmotionSeeker

EmotionSeeker
Verified Profile

This is a verified account of top writer.

0

Most recent posts

चंदनवा के बापू की माशूका

फेसबुक हमारे जीवन में यूँ घुल मिल गया है कि उसने अपनी ही एक जगह बना ली है। पर अब जब कुछ दिनों से इसको लेकर कुछ अफवाहों का बाज़ार गर्म है तो मैंने उसी से प्रेरित हो एक व्यंगात्मक कहानी लिखी है। आशा है आपको पसंद आएगी। आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा।

क्यूँ लड़ते हैं हम उनके लिए

हर औरत हर रिश्ते में चाहे वो एक माँ हो या सास, एक बेटी या बहु, एक बहिन या भाभी अपने अस्तित्व को खोज रही है। हर कोई कहीं न कहीं अपने अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। अपने रिश्तों को बचाने की लड़ाई।

दुनिया इतनी भी बुरी नहीं है

दुनिया जैसी देखती है या खुद को जैसा दिखती है वैसी है नहीं। जीवन और उसकी सच्चाई के कई पहलू हैं।

मैं जैसी हूँ मुझे वैसा रहने दो

वर्तिका जब नयी नवेली दुल्हन बन अपने नए घर आई तो हर नयी दुल्हन की तरह उसके भी कुछ अरमान थे। शुरू शुरु के कुछ दिन तो हँसी खुशी से बीते। नयी गृहस्थी ऐसी लग रही थी मानो उसे सब मिल गया हो। पर धीरे धीरे जैसे जैसे गृहस्थी की गाड़ी आगे बड़ी तो वास्तविकता की जमीन पर पैर पड़ा।

एक बेटी की व्यथा

क्या बेटियों को शादी करते ही अपने मायके के रिश्तों पे हक़ छोड़ देना चाहिए? क्या बेटियों को मान देने का मतलब सिर्फ महंगे उपहार, या चंद रुपये या उनके ससुराल वालों की ख़ुशी के लिए रिश्ते निभाने तक ही सीमित होता है?

क्या है प्यार?

प्यार !!! जिससे पूछो उसकी इस प्यार को लेकर एक अपनी ही अलग परिभाषा होगी। अपनी एक अलग ही कहानी बयां करता है हर कोई इस प्यार को लेकर। तभी तो मेरे मन में भी एक सवाल आया की आखिर यह प्यार है क्या ? क्या है यह प्यार जिसके बिना हर कोई अपने को अधूरा सा समझता है?

कश्मीर : जन्नत या उजड़ा चमन

भारत का बेहद खूबसूरत राज्य है कश्मीर। कहते हैं कि कश्मीर जन्नत है। कश्मीर भारत का ताज है। किताबों ,किस्से कहानियों में कश्मीर की ख़ूबसूरती के किस्से सुन मन मचल जाता था। उसपे फिल्मों में तो इसे और भी खूबसूरती से दर्शाया जाता , इसकी खूबसूरती पर गीत लिखे जाते।

“मन के हारे हार है मन के जीते जीत”

डिप्रेशन चुप चाप दबे पाँव आकर कब हमारे दिल और दिमाग को अपने काबू में कर लेता है हमे पता ही नहीं चलता। जब पता चलता है तब तक हम हार चुके होते हैं। अपने अपनों से, दोस्तों से समाज से दूर हो चुके होते हैं।

अभिलाष का फूल

एक अभिलाष का फूल पनपा मन के अंदर

साधारण या शानदार

विराट अनुष्का की शादी और उस पर लोगो की प्रतिक्रिया न्र मेरे जेहन में ढेरों प्रश्न उत्पन्न किये। क्या सच में हमारा समाज ऐसा है जैसा वी दिखा रहा है या फिर वही दुगुलापन!?

बस जो है अपना वो हैं मांगते

भले ही आज इन बच्चों के पास रहने को घर नहीं खाने को रोटी नहीं और पहनने को कपड़ा नहीं। पर फिर भी ये रहीस हैं।

मूक दर्शक

कितनी बार होता है कि हम किसी अच्छाई या बुराई को देख कर उसे अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं। या फिर रुकते तो हैं पर बस एक मनोरंजन की आशा से। अगर मनोरंजन हो तो अच्छा वरना मूक दर्शक बन आगे बढ़ जाते हैं। कितना सही है हमारा ये व्यवहार?

Some info about EmotionSeeker

  • Female
  • 13/11/78

कभी उलझनों में उलझ जाता है ये मन तो कभी जिंदगी के पहलू डरा जाते हैं। और फिर इन्ही सब उलझनों, पहलुओं ,सवालों जवाबों के बीच मेरे दिमाग में जो शब्दों की हेरा फेरी होती है, वह कभी मुझे हैरान, तो कभी शांत करती है। A poet and a writer in learning . Hope you like my write-up and you might get your part of solved questions answers. Do follow me.

EDIT PROFILE
E-mail
FullName
PHONE
BIRTHDAY
GENDER
INTERESTED IN
ABOUT ME